संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जिले में टीसीसी यानी तंबाकू निषेध केंद्र में पिछले ढाई साल में 527 मरीजों को रजिस्टर्ड किया गया और काउंसिलिंग की गई। इसके बाद इनका न तो फॉलोअप लिया गया और न ही दोबारा काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। विभाग के आंकड़ों में सिर्फ अब तक एक व्यक्ति ने ही तंबाकू का सेवन छोड़ा है।
भारत ही नहीं बल्कि विश्व भर में छोटी उम्र से लेकर बुजुर्ग तक तंबाकू का कई रूप में सेवन कर रहे हैं। जिसका नकारात्मक प्रभाव उनके शारीरिक और मानसिक सेहत पर नजर आ रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए हर साल 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। ऐसे में संवाददाता ने जब जिले में स्थापित तंबाकू निषेध केंद्र से तंबाकू छोड़ने वाले की जानकारी जुटाई तो हैरानी वाली स्थिति सामने आई। स्वास्थ्य विभाग ने ढाई साल पहले जिले में टीसीसी की शुरुआत की थी। इस केंद्र का उद्देश्य तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों की काउंसिलिंग करके छुड़वाना या फिर उनका उपचार शुरू करना था। इस अवधि में टीसीसी में 527 मरीजों को ही रजिस्टर्ड किया गया और काउंसिलिंग की गई। इसका बाद इनका फॉलोअप नहीं लिया गया और न ही दोबारा काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। अहम बात यह है कि मनोचिकित्सक की ओपीडी में आने वाले मरीजों को ही इसमें शामिल किया गया। अन्य ओपीडी से रेफर करके मरीज ही नहीं भेजे गए। विभाग के आंकड़ों में सिर्फ अब तक एक ने ही तंबाकू का सेवन छोड़ा है।
अब अधिकारियों का कहना है कि टीसीसी में मोबाइल हेल्पलाइन की शुरुआत होगी। जिसमें तंबाकू को लेकर लोग जानकारी ले सकेंगे और काउंसिलिंग के बाद मरीज का फॉलोअप लिया जाएगा।
डेंटल स्पेशलिस्ट की जांच में हर माह चार से पांच केस प्री ओरल कैंसर के
विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ये जानते हुए लोग तंबाकू के आदी बन रहे हैं। तंबाकू के कारण ओरल कैंसर के केस भी बढ़ रहे हैं। डेंटल स्पेशलिस्ट की ओपीडी में जांच के दौरान हर माह चार से पांच केस प्री ओरल कैंसर के सामने आ रहे हैं। मुंह का कम खुलना, खाने में दिक्कत होना, अल्सर होना प्री ओरल कैंसर के लक्षण है।
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तंबाकू की अवैध बिक्री रोकने के लिए टीम गठित
तंबाकू की अवैध बिक्री और स्कूल व कॉलेज के आसपास बेचने पर प्रतिबंध को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अब इंफोर्समेंट स्क्वाड गठित किया है। इसमें एनटीसीपी के जिला नोडल अधिकारी, डीएसपी मुख्यालय, जिला ड्रग इंस्पेक्टर, जिला खाद्य एवं सप्लाई ऑफिसर को शामिल किया गया है। ये टीम लूज सिगरेट, बीड़ी की बिक्री और स्कूल-कॉलेज के आसपास बिक रहा है, तो उस पर रोक लगाएगी।
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महिलाएं ले रही तंबाकू तो गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरनाक
नागरिक अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि बीड़ी-सिगरेट का सेवन फेफड़ों पर असर डालता है। कई क्षेत्रों में आज भी महिलाएं तंबाकू का सेवन कर रही हैं। ये गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी खतरनाक है।
पांच माह में जिले में काटे 95 चालान
सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान को लेकर कोई भी महकमा गंभीर नहीं है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी खुद ड्यूटी समय में सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करते हुए मिल जाएंगे। जिले में पांच माह में 95 चालान सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर काटे गए है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो सात जून को सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान पर रोक को लेकर जिम्मेदारी दी जाएगी।
तंबाकू का सेवन न करने को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। टीसीसी में मरीजों की काउंसिलिंग की जा रही है और उपचार शुरू किया जा रहा है। यहां जल्द ही मोबाइल हेल्पलाइन सुविधा भी शुरू की जाएगी। अवैध तरीके से तंबाकू की बिक्री पर रोक के लिए कमेटी का गठन किया गया है। - मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन