कुलां क्षेत्र के खेतों में फसल अवशेष में लगाई गई आग। संवाद
फतेहाबाद। जिले में इन दिनों फसल अवशेष जलाने के मामलों में तेजी आई है। इसके असर यह हुआ कि मंगलवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक शाम 4 बजे 370 दर्ज किया गया। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बहुत ही गंभीर है।
जिले में अब कि फसल अवशेष जलाने के बारे में कृषि विभाग को हरसेक की ओर से 72 लोकेशन प्राप्त हुई है, जिसमें से 46 किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पिछले 11 दिनों में विभाग को 62 स्थानों पर फसल अवशेष जलाने की लोकेशन प्राप्त हुई है।
जिले में इस बार धान की कटाई शुरुआती चरण में अक्तूबर माह तक मात्र 10 स्थानों पर फसल अवशेष जलाने की लोकेशन प्राप्त हुई थी। लेकिन अब पिछले दिनों में यह आंकड़ा 72 तक पहुंच गया है। जिले में पिछले 11 दिनों में 6 गुना केस बढ़ गए हैं। इसको लेकर कृषि एवं कल्याण विभाग की ओर से 49 किसानों पर एफआईआर दर्ज कर 1 लाख 20 रुपये का जुर्माना लगाया है।
किसानों ने कटाई शुरू होने के समय सरकार व कृषि विभाग का पराली प्रबंधन में काफी सहयोग दिखाई दे रहा था, लेकिन अब गेहूं की बिजाई का समय शुरू होने के बाद किसानों ने फसल अवशेष जलाने शुरू कर दिए हैं। इससे 9 नवंबर को जिले में 19 स्थानों पर फसल अवशेष जलाएं गए थे। जबकि मंगलवार को 9 स्थानों फसल अवशेष जलाएं गए हैं। जबकि फसल अवशेष जलने से राेकने के लिए कृषि विभाग के सभी कर्मचारी पेट्रोलिंग में जुटे हैं।
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:: फसल अवशेष जलाने से रोकने व पराली प्रबंधन करने के बारे में किसानों को खेतों में जाकर जागरूक करने के साथ-साथ पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र उपलब्ध करवाएं गए हैं। किसानों से अपील है कि वे सरकार का पराली प्रबंधन में सहयोग करें।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।