राजकीय महिला महाविद्यालय में ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया कॉलेज और छात्राओं के लिए गले की फांस बनी हुई है। कॉलेज प्रशासन न तो कट ऑफ लिस्ट जारी कर पा रहा है और न ही छात्राओं को संतुष्टि भरा जवाब दे पा रहा है। घर से कॉलेज में दाखिले के लिए छात्राएं आती हैं और बिना दाखिला करवाए वापस लौट जाती हैं। इसके विरोध में आवाज भी उठने लगी है। ऑन लाइन सिस्टम ठीक न होने से छात्राओं की मांग है कि ऑफ लाइन ही दाखिला शुरू किया जाए।
लिस्ट में है गड़बड़ी
वेबसाइट पर कॉलेजों की जो लिस्ट है, उसमें भारी गड़बड़ी है। लिस्ट मेरिट के अनुसार नहीं है। जिस छात्रा के नंबर अधिक हैं उसका नाम नीचे है और जिसके नंबर कम हैं उसका नाम सबसे ऊपर है। लिस्ट में कई छात्राओं के नाम एक से ज्यादा बार दिखाई दे रहे हैं। इससे कॉलेज स्टाफ को समझ नहीं आ रहा है कि लिस्ट को कैसे तैयार किया जाए। इससे लिस्ट को जारी करने में दिक्कत आ रही है। इस लिस्ट को 4 दिन पहले जारी किया जाना था।
कॉलेज में ही होगी फीस जमा
ऑनलाइन सिस्टम में गड़बड़ी के कारण कॉलेज प्रशासन ने कॉलेज में फीस जमा करने का फैसला लिया है। पहले फीस को दाखिला होने के बाद स्टेट बैंक आफ पटियाला में भरा जाना था। सर्वर डाउन होने के कारण कॉलेज प्रशासन कॉलेज में ही फीस जमा करेगा।
फार्म भरने में भी छूटे थे पसीने
सरकारी कॉलेज में दाखिला लेने के लिए फार्म भरते समय भी छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। फतेहाबाद निवासी सुमन और एकता ने बताया कि उन्हें फार्म भरने में ही पांच घंटे लग गए थे और अब इस ऑनलाइन सिस्टम की वजह से यही पता नहीं चल पा रहा कि उनकी कट ऑफ लिस्ट कब लगेगी। उन्हें बताया जा रहा है कि एसएमएस से कट ऑफ लिस्ट की जानकारी मिलेगी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें इस सिस्टम पर भरोसा नहीं है।
दाखिला प्रक्रिया हो सकती है ऑफलाइन
प्रिंसिपल आरके शर्मा ने कहा कि सर्वर डाउन होने के कारण कट ऑफ लिस्ट अपडेट नहीं हो पा रही है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों से कॉलेज की कट ऑफ लिस्ट मांगी गई है ताकि कट ऑफ लिस्ट मिलने पर उसे अपने स्तर पर ठीक करके दाखिला प्रक्रिया शुरू की जा सके। उच्च अधिकारियों से दाखिले की तिथि बढ़ाने की मांग की है।