फतेहाबाद/भट्टू कलां। सरपंचों एवं मनरेगा मजदूरों के विरोध के बीच विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि मेरी सच्चाई व ईमानदारी से कुछ लोगों को तकलीफ है। मगर कोई डराएगा या धमकाएगा तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर कोई अधिकारी काम नहीं कर रहे तो जनता व जनप्रतिनिधि बेझिझक मुझे बताएं, 24 घंटे में समाधान करवाऊंगा।
बबली ने कहा कि शहरों की तर्ज पर गांवों के विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। ग्राम पंचायतों को 1100 करोड़ रुपये की ग्रांट पहले ही जारी हो चुकी है, आगामी समय में भी 1700 करोड़ रुपये की ग्रांट विकास कार्यों के लिए दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में हरियाणा के लगभग एक हजार गांवों में व्यायामशाला, पार्क, तालाबों का सुधारीकरण, ग्रे वाटर मैनेजमेंट, कूड़ा प्रबंधन जैसे अनेक विकास कार्यों को करवाया गया है। जल्द ही दूसरे चरण के लिए भी लगभग एक हजार गांवों में यह कार्य करवाए जाएंगे।
भटटू मंडी की सरपंच सुमन देवी, सरपंच प्रतिनिधि आशु सिंगला व आशु गोयल ने पंचायत मंत्री के समक्ष कम्युनिटी सेंटर, तहसील का दर्जा दिलाने, जोहड़ को पक्का करने, सभी कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटों का प्रबंध, महिला सशक्रीकरण, महिलाओं के रोजगार के लिए सिलाई सेंटर, सभी पार्कों में झूलों व जिम, कचरा उठाने के लिए चार ई-रिक्शा की मांग रखी। इस पर पंचायत मंत्री ने पंचायत विभाग के एक्सईएन देवेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि जितनी भी मांगें हैं, इन सभी की फिजिबिलिटी देखकर 15 दिन में फाइल मेरी मेज पर भिजवाएं। इसके बाद जिन कार्यों की मुख्यमंत्री से स्वीकृति लेनी होगी, वह भी ले ली जाएंगी।
भट्टू मंडी में साढ़े चार घंटे तक तनावपूर्ण रहा माहौल
विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली के आगमन के चलते शनिवार को भट्टू मंडी में साढ़े चार घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा। मंत्री के दोपहर साढ़े 12 बजे कार्यक्रम में पहुंचने की सूचना पर पहले ही मनरेगा मजदूरों को साथ लेकर सरपंच पहुंच गए। मंत्री करीब तीन घंटे बाद साढ़े तीन बजे पहुंचे और करीब एक घंटे तक कार्यक्रम स्थल पर रहे। इस दौरान सरपंचों ने काले झंडे दिखाए। शाम 5 बजे बाद प्रशासन से लेकर क्षेत्रवासियों तक ने राहत की सांस ली।
हालांकि, विरोध के बीच भी कार्यक्रम को पूरा करके पंचायत मंत्री राजनीतिक विरोधियों को चुनौती दे गए। भट्टू क्षेत्र फतेहाबाद विधानसभा के अंदर आता है, यहां से भाजपा के विधायक दुड़ाराम हैं। मगर बिना विधायक को साथ लिए पंचायत मंत्री कार्यक्रम में पहुंचे और करीब एक घंटे तक रुके रहे। बेशक प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए 200 से अधिक पुलिसकर्मी लगाए गए। मगर कार्यक्रम में पहुंचकर पंचायत मंत्री ने विरोधियों को स्पष्ट बता दिया कि विरोध के बावजूद उनके कार्यक्रम नहीं रुकेंगे। दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले हलके के विधायक दुड़ाराम गांव ढांड में इसी तरह के विरोध के चलते कार्यक्रम में नहीं जा पाए थे। मगर बाद में विधायक ने उद्घाटन पत्थर तैयार नहीं होने का हवाला दिया था।
प्रदर्शन के दौरान भट्टू खंड के 18 सरपंच व सरपंच प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। भट्टू कलां सरपंच एसोसिएशन के ब्लॉक प्रधान चंद्रमोहन पोटलिया ने बताया कि ई-टेंडरिंग व राइट-टू-रिकॉल के विरोध में सरपंच लंबे समय से सरकार के खिलाफ हैं। इसलिए मंत्रियों व विधायकों के विरोध की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सरपंचों पर सरकार ने लाठियां बरसाई थी, इससे भी पंच-सरपंच नाराज हैं।
प्रशासन की सूझबूझ ऐसे रही कारगर
दरअसल, सरपंच अपना विरोध जताने के लिए अडिग थे। डीएसपी अजायब सिंह के नेतृत्व में पार्क की तरफ जाने वाले रास्ते पर अवरोधक लगाए गए। इन अवरोधकों के दूसरी तरफ सरपंच थे जबकि एक तरफ मंत्री के कार्यक्रम स्थल का रास्ता। सरपंचों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताने के लिए पुलिस प्रशासन से बातचीत की। सरपंचों ने चेतावनी दी कि अगर मंत्री के काफिले का रूट बदला गया तो मामला बिगड़ेगा। मगर अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए सरपंचों व मजदूरों को अवरोधकों के पास रोके रखा और मंत्री का काफिला आसानी से निकल गया। बाद में जाते समय मंत्री का काफिला दूसरे रास्ते से निकाल दिया गया। इस तरह सरपंच व मजदूर भी अपनी भड़ास निकाल गए और पंचायत मंत्री का कार्यक्रम भी आसानी से निपट गया।
मंच तक सुनाई दिए मुर्दाबाद के नारे
भट्टू मंडी के मॉडल टाउन स्थित पार्क में जब मंच पर विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली भाषण देने लगे तो सरपंचों ने माइक पर तेज गति से नारे लगाने शुरू कर दिए। मंत्री भाषण देते रहे और उनसे करीब 100 कदम दूर सरपंच मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे।
कार्यक्रम करवाने वाले सरपंच प्रतिनिधि से मंत्री बोले- डरने की जरूरत नहीं
पंचायत मंत्री का कार्यक्रम करवाने वाले सरपंच प्रतिनिधि आशु सिंगला को इशारा करते हुए देवेंद्र बबली ने कहा कि सरपंच के पास भी बहुत फोन आए कि कार्यक्रम न करें। मेरे पास भी मैसेज भिजवाए गए कि कार्यक्रम में न जाएं। मगर किसी से भी डरने की जरूरत नहीं है। अपने गांव के विकास के लिए अडिग रहें। मंच से पंचायत मंत्री ने अपने विरोधियों पर भी कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कि अपने सरपंच व विधायक की भी निगरानी रखो। काम करवा रहे हैं या नहीं। काम की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों को लेनी होगी। मंत्री होने के नाते मेरी भी जिम्मेदारी है, अगर उस पर खरा नहीं उतर रहा तो मुझे भी बताएं।
कार्यक्रम निपटने तक भट्टू मंडी में ही बैठी रहीं एसपी
पंचायत मंत्री का कार्यक्रम निपटने तक एसपी आस्था मोदी भट्टू मंडी में ही बैठी रही। वह दोपहर करीब 2 बजकर 40 मिनट पर कार्यक्रम स्थल के पास लगे अवरोधक के पास पहुंचीं और डीएसपी अजायब सिंह से पूरी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद वहां से चली गई। बाद में पूरा कार्यक्रम निपट गया, तब एसपी फतेहाबाद रवाना हुईं। इस दौरान दो डीएसपी, चार इंस्पेक्टर सहित 200 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रखे गए।
मंत्रीजी समय-समय पर संभालते रहें : जजपा जिलाध्यक्ष
मंच पर मंत्री से पहले जजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिवाच और जिलाध्यक्ष रविंद्र बेनीवाल ने भी संबोधित किया। डॉ .सिवाच ने मंत्री को ईमानदार बताते हुए जनता व जनप्रतिनिधियों से उनके समक्ष काम के लिए जाने का आह्वान किया। वहीं, जजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र बैनीवाल ने कहा कि मंत्रीजी समय-समय पर फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र को भी संभालते रहें, ताकि यहां भी विकास की गति बढ़ सके।