आधार कार्ड की गुमशुदगी लोगों के लिए संकट साबित हो रही है। एक बार आधार कार्ड गुम होने पर दोबारा बनवाना किसी चुनौती से कम नहीं है। नतीजन, लोगों को हर सुविधा से वंचित रहना पड़ता है। हालांकि आधार गुम होने पर मोबाइल नंबर के जरिये दोबारा निकाला जा सकता है। यह तभी संभव है जब वह मोबाइल नंबर चालू हो और अपने पास हो। ऐसे अनगिनत लोग हैं जो इसी समस्या से जूझ रहे हैं। आधार कार्ड न होने के कारण किसी सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे। यहां तक कि स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं ले पाते। हालांकि एक्सपर्ट बताते हैं कि आधार नंबर न पता हो और मोबाइल नंबर भी न हो तो भी आधार निकलवाया जा सकता है लेकिन इसके लिए हेड ऑफिस में आवेदन करना पड़ता है। प्रदेश में दो ही जगह हेड ऑफिस हैं। एक हिसार और दूसरा चंडीगढ़ में है। उस बारे में लोग अनभिज्ञ हैं।
ऐसे परेशानी झेल रहे लोग
केस नंबर 1: रीनू बीघड़ की रहने वाली है। उसने घर से भाग कर शादी कर ली। अब आधार कार्ड परिजनों के कब्जे में है। रीनू फिलहाल गर्भवती है। वह बताती है कि आधार के बिना अस्पताल में एंट्री नहीं होती इसलिए अल्ट्रासाउंड तक करवाने में दिक्कत है। जहां भी जाओ, वहीं आधार कार्ड मांगा जाता है।
केस नंबर 2: फतेहाबाद की संगीता को पति ने घर से निकाल रखा है। उसके आधार कार्ड समेत तमाम कागजात पति के पास हैं। आधार बनवाते समय पति का मोबाइल नंबर दिया था इसलिए ओटीपी के बिना आधार नहीं बन सकता। पति कोई सहयोग नहीं करना चाहता।
केस नंबर 3: बीघड़ निवासी श्योबाई की उम्र 70 साल है। उसके दो बेटों के बीच जमीन का विवाद चल रहा है। उसके तमाम कागजात बड़े बेटे के पास है जो बाहर रहता है। वह छोटे बेटे पास रहती है। आधार कार्ड गुम हो चुका है। अंगूठों की स्किन खराब हो चुकी है। इसके चलते उसकी छह महीने से पेंशन नहीं मिल रही।
जिले में कोई उपाय नहीं, हेड ऑफिस जाना होगा : एक्सपर्ट
आधार कार्ड के लिए मोबाइल नंबर जरूरी है उससे ओटीपी लेना होता है। यदि मोबाइल नंबर भी नहीं है तो हिसार में आधार के हेड ऑफिस जाना होगा। वहां पर फिंगर प्रिंट लेकर आधार नंबर मिल जाता है। वहीं पर नया नंबर अपलोड किया जा सकता है। यहां इसका समाधान नहीं है। -राजकुमार मेहता, सीएससी सेंटर, नप कार्यालय, फतेहाबाद।