रतिया। दो बार रतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस को जीत दिलाने वाले विधायक जरनैल सिंह ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं पर उनके खिलाफ प्रोपेगंडा रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आज भी कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर अपना पक्ष रखने का प्रयास करेंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के आरोप में कांग्रेस पार्टी वीरवार को उनके समेत 5 विधायकों को निलंबित कर चुकी है। अनाज मंडी स्थित अपने समर्थक गुरनाम सिंह की दुकान पर कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद जरनैल सिंह ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि उनके 40 वर्ष के राजनीतिक कॅरिअर में ईमानदारी ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी रही है।
वर्ष 2008 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने दिन-रात मेहनत की। एक समय था जब रतिया में इनेलो का दबदबा था। कांग्रेस का नाम लेने वाला यहां कोई नहीं था लेकिन उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर पार्टी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तारीफ करने के सवाल पर विधायक ने कहा, शायद मुख्यमंत्री द्वारा पगड़ी बांधने और उनके कार्य करने की शैली की सराहना करना ही मेरे लिए भारी पड़ गया है। मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है जबकि जो असली दोषी हैं, उन्हें बचाया जा रहा है।
जरनैल सिंह ने बताया कि कांग्रेस ने उन्हें नोटिस दिया था जिसका उन्होंने तुरंत जवाब भी दिया। इसके बावजूद न तो उनकी कोई सुनवाई हुई और न ही उन्हें पक्ष रखने के लिए बुलाया गया जिसका उन्हें गहरा दुख है। उन्होंने याद दिलाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को दिखाकर कांग्रेस के पक्ष में वोट डाला था फिर भी उनकी वफादारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा की क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए मैं पहले भी मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलता रहा हूं और भविष्य में भी रतिया की जनता के काम करवाने के लिए उनसे मिलता रहूंगा। विकास के लिए मुख्यमंत्री से मिलना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने दोहराया कि यदि राहुल गांधी उन्हें समय देते हैं तो वह दिल्ली जाकर उनके समक्ष पूरी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
कांग्रेस के पूर्व में अध्यक्ष रहे लेखराज लाली ने भी कांग्रेस पार्टी की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधायक जरनैल सिंह ने पार्टी को क्षेत्र में मजबूती प्रदान करते हुए दो बार जितवाया है। पार्टी के नोटिस का भी कार्यकर्ता होने के चलते जवाब दिया था इसके बावजूद भी एकतरफा कार्रवाई करना सही निर्णय नहीं है। इस दौरान पूर्व सरपंच सुरेश झांब, सुखपाल मेहमदकी, कृष्ण कंबोज, एडवोकेट टेक चहल, त्रिलोचन सिंह, गुरनाम सिंह, पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह, साधु सिंह, मनवीर सहित अन्य समर्थक मौजूद रहे।