फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान परिवार से हूं, अपना विरोधी न समझें : बबली

विज्ञापन
विधायक देवेंद्र सिंह बबली। - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
किसानों से सुलह के बाद रविवार को हलका विधायक देवेंद्र बबली पत्रकारों के सामने आए और अपना पक्ष रखा है। विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि इस प्रकरण में उनकी तरफ से कोई पहल नहीं हुई, बल्कि वह विवादों से बच रहे थे। वह खुद किसान परिवार से हैं इसलिए किसान उन्हें विरोधी न समझें। उन्होंने कहा कि 1 जून को उन्हें नागरिक अस्पताल में एक कार्यक्रम में जाना था। उस दिन सुबह 11 बजे कार्यक्रम शुरू होना था। तब कुछ लोगों ने नागरिक अस्पताल के बाहर उनके पहुंचने से पहले ही विरोध शुरू कर दिया। इसका पता चलने पर वह कार्यक्रम में नहीं गए।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि यह सोचा कि जब थोड़ा माहौल शांत हो जाएगा, तब कार्यक्रम में चले जाएंगे। क्योंकि वह किसी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाह रहे थे। उसी दिन करीब 12 बजे वह अपने निजी कार्य से बाजार में जा रहे थे। तब विरोध करने वाले लोग बाजार में भी पहुंच गए। उन लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर हमले का प्रयास किया। हालांकि वे लोग खुद को किसान बता रहे थे। मगर उन्हें नहीं लगता कि हमला करने वाले लोग किसान ही थे। उस समय भी वह शांत ही रहे और वहां से निकल लिए। बाजार से काम निपटाने के बाद सोचा कि अब नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम पहुंचना ठीक रहेगा। यही सोचा था कि प्रदर्शनकारी वहां से चले गए होंगे। हालांकि तब तक 2 बज चुके थे। जब वह नागरिक अस्पताल में पहुंचे तो बाहर गेट प्रदर्शनकारी फिर तैयार मिले। उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया, जिसमें निजी सचिव को भी चोट आई। इसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की। विधायक देवेेंद्र बबली ने कहा कि किसान अपना प्रदर्शन कर रहे हैं। यह उनका अधिकार है। मगर उन्हें जगह-जगह रोकना, गाड़ी पर हमला करना, चोट मारना गलत है। ऐसा करने वाले किसान नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि उनके मुंह से कुछ अपशब्द निकले, उसके लिए खेद प्रकट किया है। उनके साथ गलत करने वालों को भी माफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद किसान परिवार से हैं, इसलिए किसानों से दूर नहीं हो सकते। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन पर विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने कहा कि वह सरकार का हिस्सा हैं, इसलिए खुद चाहते हैं कि मसले का हल होना चाहिए। किसान व सरकार के बीच जब पहले बातचीत हुई तो मसले का हल निकलने की उम्मीद जगी थी। आज भी वह प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं कि कृषि कानून के मसले का जल्द हल निकाला जाए। सरकार को बड़प्पन दिखाते हुए किसानों के साथ बातचीत का रास्ता खोलना चाहिए ताकि प्रदेश के विकास में कोई बाधा न आए।
किसानों की गिरफ्तारी व थाने के घेराव के मुद्दे पर विधायक ने कहा कि उनके व किसानों के बीच सुलह हो चुकी है। 2 जून को उनके घर का घेराव करने आ रहे लोगों पर केस दर्ज हुआ था। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उसमें कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा चल रही है। उस मामले को लेकर मुख्यमंत्री, डीसी व एसपी से उन्होंने बातचीत की है। विधायक ने कहा कि किसानों के उस मामले का भी समाधान हो जाएगा। विधायक ने कहा कि किसान उन्हें अपना विरोधी न समझें। वह किसानों से अलग नहीं है, बल्कि खुद किसान परिवार से हैं। हमेशा किसानों की आवाज उठाते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें