खंड रतिया में उल्लास कार्यक्रम के तहत सर्वे के लिए प्रशिक्षण लेते हुए शिक्षक
फतेहाबाद। जिला शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को खंड रतिया में निरक्षरों के सर्वे को लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान शिक्षकों को बताया गया कि किस तरह से उन्हें घर-घर जाकर निरक्षरों को ढूंढना है और स्वयंसेवी नियुक्त करना है। वहीं इसके साथ ही अब ये भी सवाल उठने लगे हैं कि बिना किताबें निरक्षरों को किस तरह से अक्षर ज्ञान दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग की तरफ से निरक्षरों को पढ़ाने के लिए किताबें ही जारी नहीं की गई हैं। जबकि अधिकारी जिले को पूर्ण साक्षर करने का दावा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्वयंसेवी ऑनलाइन सिलेबस के जरिए ही निरक्षरों को पढ़ाएंगे। जिले को 29 हजार निरक्षरों को ढूंढ कर पढ़ाने लक्ष्य शिक्षा विभाग की तरफ से दिया गया है।
खंड रतिया में 250 शिक्षक करेंगे सर्वे :
जिला शिक्षा विभाग की तरफ से सोमवार को खंड रतिया में सर्वे को लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान 250 शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वह आंगनबाड़ी वर्कर, सरपंच, एसएमसी को साथ लेकर घर-घर जाएंगे। इस दौरान जानकारी जुटाएं कि 15 साल से ज्यादा का कोई भी व्यक्ति बिना पढ़ा-लिखा तो नहीं है। अगर कोई मिलता है तो स्वयंसेवी नियुक्त करके उन्हें साक्षर बनाएं। अप्रैल माह में आरंभिक परीक्षा ली जाएगी।
आज फतेहाबाद में दिया जाएगा प्रशिक्षण :
शिक्षा विभाग निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए अप्रैल माह में परीक्षा लेगा। लेकिन अभी तक सर्वे शुरू नहीं हुआ है। विभाग की तरफ से अभी खंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंगलवार को फतेहाबाद में प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जाएगा।
-ताबों की डिमांड मुख्यालय से की गई है। उम्मीद है जल्द किताबें मिल जाएंगी। फिलहाल स्वयंसेवी ऑनलाइन ही निरक्षरों को पढ़ाएंगे और उन्हें साक्षर करेंगे।
- पवन सागर, जिला समन्वयक, उल्लास कार्यक्रम