नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर मामला गरमाया हुआ है। लोगों को समय पर प्रॉपर्टी आईडी जारी नहीं हो रही है। शिकायतें आ रही है कि दस्तावेज पूरे होने के बावजूद चक्कर कटवाए जा रहे है। मंगलवार को नप की हाउस टैक्स ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। पालिका अभियंता सुमित चोपड़ा ने नप की तकनीकी शाखा का रिकॉर्ड खंगाला तो प्रॉपर्टी आईडी की 27 फाइलें पेंडिंग मिली हैं।
हाउस टैक्स ब्रांच ने फाइल की बिना जांच यानी दस्तावेज पूरे करवाए बिना फाइलों को तकनीकी शाखा में भेज रखा था। इन फाइलों पर बकायदा ऑब्जेशन भी लगे हुए हैं जबकि हाउस टैक्स ब्रांच को फाइलों से संबंधित सभी दस्तावेज पूरे करके और आपत्तियां दूर करके तकनीकी शाखा में फाइलें भेजनी थी। पूरी फाइल आने के बाद जेई संबंधित जगह पर जाकर जांच करते हैं। अब पालिका अभियंता सुमित चोपड़ा ने हेड क्लर्क जगदीश कुमार समेत चार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। अगर नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो गाज गिरना तय है।
डीएमसी की जांच में मिल चुकी है 166 फाइलें लंबित
प्रॉपर्टी आईडी की शिकायतों को लेकर जिला नगर आयुक्त डॉ. मुनीश नागपाल तथा एसडीएम कुलभूषण बंसल ने पिछले सप्ताह नगर परिषद का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान यहां पर 166 फाइलें लंबित मिली थी। इतनी फाइलें लंबित मिलने पर डीएमसी ने एसडीएम को जांच सौंप रखी है।
200 गज तक की पॉवर ईओ को मिली
प्रॉपर्टी आईडी की फाइलें पहले अनुमति के लिए जिला नगर आयुक्त डॉ. मुनीश नागपाल के पास भेजी जा रही थी। लेकिन फाइलें लंबित होने की मिल रही शिकायतों के बाद डीएमसी ने 200 गज तक की पॉवर ईओ को दे दी है। ईओ अब 200 गज तक की प्रॉपर्टी आईडी को जारी कर सकता है।
कोट
प्रॉपर्टी आईडी की फाइलों को समय पर निकाला जा रहा है। इसको लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय है। हाउस टैक्स ब्रांच ने कुछ फाइलें बिना आपत्तियां दूर किए और दस्तावेज पूरे करवाए बिना तकनीकी शाखा में फाइलें भेज रखी थी। इस संबंध में हेड क्लर्क समेत चार कर्मचारियों को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद।