फतेहाबाद में सड़क पर दवाइयां मिलने के मामले में जांच कमेटी ने सीएमओ को सौंपी जांच में एक नियमित एवं चार अनुबंधित कर्मचारियों को दोषी करार दिया है। हालांकि, जांच कमेटी की रिपोर्ट से सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी नाखुश हैं। सिविल सर्जन डॉ. चौधरी की मानें तो वे जांच कमेटी सदस्यों से कुछ प्वाइंट्स पर जवाब-तलबी करेंगे। उसके बाद ही रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के पास अनुशंसा के साथ भेजा जाएगा।
सूत्रों की मानें तो सीएमओ जांच रिपोर्ट में दोषी कराए दिए एक कर्मचारी के पक्ष में खड़े बताए जा रहे हैं। उनके अनुसार उक्त कर्मचारी पिछले एक माह से किसी अन्य जगह ड्यूटी पर भेजा जा चुका है और उसने यह बात बाकायदा जांच कमेटी को दिए अपने बयान में कही है। बावजूद इसके जांच कमेटी ने ना तो उसके बयान को तवज्जो दी है, बल्कि उसे बाकायदा रिपोर्ट में दोषी भी करार दे दिया। अब सिविल सर्जन जांच कमेटी से कुछ सवाल पूछ सकते हैं। हालांकि, जांच कमेटी से प्वाइंट्स क्लीयर करने तक सिविल सर्जन ने दोषी ठहराए कर्मचारियों के नाम सार्वजनिक करने से साफ इंकार कर दिया है।
ये सवाल उठा रहे हैं सीएमओ
सड़क पर मिली दवाइयों की कीमत का रिपोर्ट में जिक्र क्यों नहीं
जब एक कर्मचारी पिछले माह से अन्य जगह ड्यूटी पर तो उसके बयान पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया
कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया है, लेकिन नैतिक जिम्मेदारी वाले चिकित्सक का जिक्र ही नहीं
ये लोग शामिल थे जांच कमेटी में
डॉ. राजेश चौधरी, डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. गिरीश कुमार, सतीश कुमार फार्मासिस्ट, डॉ. ओपी दहमीवाल इंचार्ज।
सरकारी अस्पताल की 89 प्रकार की मिली थीं दवाइयां
लगभग दस दिन पहले सरकारी अस्पताल की दवाइयां सिरसा रोड पर सड़क किनारे झाड़ियों में मिलने से विभाग में हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंची डिप्टी सीएमओ सुजाता बंसल ने दवाइयों को जब्त कर मामले की जानकारी सीएमओ डॉ. अशोक चौधरी को दी थी। डॉ. सुजाता बंसल और डॉ. गिरीश की शुरुआती जांच के बाद सामने आया था कि दवाइयां सरकारी अस्पताल की हैं। हालांकि, उन्होंने यह माना था कि दवाइयां ओपीडी की हैं, क्योंकि दवाइयां कटिंग हो चुकी पैकिंग में थी।
जांच कमेटी ने एक नियमित एवं 4 अनुबंधित कर्मचारियों को दोषी ठहराया है, लेकिन उसमें एक कर्मचारी तो पिछले एक माह से अन्य जगह ड्यूटी पर है। उसने बयान में भी ये बताया है। बावजूद इसके उसको इसमें शामिल किया गया। जांच कमेटी से कुछ प्वाइंट्स पर जवाब मांगा जाएगा। -डॉ. अशोक चौधरी, सिविल सर्जन, फतेहाबाद