फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: बेघर प्रसूता को नवजात सहित लेना पड़ा धरनास्थल के पीछे शरण

विज्ञापन
रतिया एंबुलेंस में मौजूद नवजात बच्चा व उसकी माता
विज्ञापन
रतिया। अग्रवाल धर्मशाला के समीप से बेदखल किए परिवार के सदस्यों पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। इन लोगों को बसाने की मांग को लेकर धरनास्थल पर बैठे लोगों की सेहत भी बिगड़ने लगी है। इसी कड़ी में नागरिक अस्पताल से प्रसव के बाद छुट्टी मिलने के बाद एक प्रसूता नवजात सहित बेघर होने के बाद धरनास्थल के पीछे रहने के लिए विवश हो गई। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के प्रति लोगों में रोष फैल गया। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिली तो तुरंत एंबुलेंस भेज कर दो दिन के बच्चे और उसकी मां को दोबारा अस्पताल में दाखिल किया।
विज्ञापन

मिली जानकारी के अनुसार अग्रवाल धर्मशाला के पास काफी सालों से बसे लोगों से नगरपालिका प्रशासन ने गत दिनों कब्जा हटवाया था। इस परिवार की एक महिला विद्या डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल में दाखिल थी। 19 जुलाई को उसकी डिलीवरी हो गई थी। उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म भी दिया। मगर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दो दिन बाद ही महिला और उसके बच्चे को छुट्टी दे दी। प्रसूता नवजात सहित धरनास्थल के पीछे रहने के लिए पहुंच गई। इसकी जानकारी धरनास्थल पर मौजूद लोगों को मिली तो उनमें रोष फैल हो गया और उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से रोष जाहिर कर दिया। जैसे ही इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिली तो उन्होंने तुरंत एंबुलेंस भेज कर बच्चे व उसकी माता को अस्पताल में बुला लिया।



किसान संगठनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानबूझकर दो दिन के बच्चे और उसकी माता को परेशान करने की नीयत से छुट्टी दी गई थी। इस बारे में नागरिक अस्पताल के प्रभारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि डिलीवरी के लिए आई महिला का पता गांव पालसर था। इस पर विभाग द्वारा छुट्टी दे दी गई थी। जब उनको बताया गया कि उक्त महिला अपने बच्चे और परिजनों के साथ धरनास्थल पर गई है तो विभाग ने एंबुलेंस भेजकर बच्चे व उसकी माता को दोबारा दाखिल किया गया है।
विज्ञापन


16 अन्य लोगों को भी नागरिक अस्पताल में करवाया गया दाखिल

नागरिक अस्पताल की टीम जब एंबुलेंस लेकर नवजात बच्चे और उसकी मां को लेने के लिए धरना स्थल के पास गई तो वहां मौजूद लोगों ने टीम को बताया कि भारी गर्मी के मौसम में आशियाना उजड़ने के बाद तपती सड़क पर बैठने से परिवार के अन्य लोग भी गर्मी की चपेट में आ गए हैं। धरना दे रहे लोगों के जानकारी देने के बाद टीम के साथ पहुंचे हेल्थ इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने पीड़ित परिवारों के 16 अन्य लोगों को भी एंबुलेंस से नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। प्रभारी डॉ. अमित ने बताया कि विभाग की टीम गर्मी के मौसम को देखते हुए इससे पूर्व भी घर-घर जाकर सर्वे कर रही है और गर्मी से होने वाली बीमारियों को लेकर उनका इलाज भी कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें