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Fatehabad News: एचआईवी संक्रमित को अब अग्रोहा मेडिकल में मिलेगा उपचार, रोहतक पीजीआई जाने की नहीं जरूरत

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फतेहाबाद में एचआईवी संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट तैयार करते हुए स्वास्थ्यकर्मी
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फतेहाबाद। एचआईवी संक्रमित को अब उपचार के लिए रोहतक पीजीआई या फिर सिरसा जिले में जाने की जरूरत नहीं होगी। जांच में संक्रमित मिलने पर अग्रोहा मेडिकल में ही छह माह के लिए उपचार ले सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अग्रोहा मेडिकल में एंटी रिटरो वायरल थेरैपी सेंटर शुरू हो गया है। फतेहाबाद में जांच के दौरान एचआईवी संक्रमित मिलने पर रोहतक पीजीआई और सिरसा में मरीजों को रेफर किया जा रहा था।
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एआरटी सेंटर में विशेषज्ञ तय करते हैं कि मरीज को कौन सी दवा और कितने डोज की देनी है। इसके अलावा यहां पर सीडी फॉर टेस्ट भी किया जाता है। एआरटी सेंटर में मरीज को 6 माह तक दवाई दी जाती है। इसके बाद उसे मरीज की इच्छा से लिंक एआरटी सेंटर में रेफर कर दिया जाता है। लिंक एआरटी में मरीज का उपचार लगातार चलता है।
जिले में पिछले साल मिल चुके हैं 160 से ज्यादा संक्रमित
जिले में वर्ष 2022-23 में सामान्य मरीजों की जांच के दौरान 145 संक्रमित मिले है। इसके अलावा गर्भवती की जांच के दौरान 16 एचआईवी संक्रमित मिली है। जिन्हें उपचार के लिए एआरटी सेंटर भेजा गया। जिला मुख्यालय के एआरटी सेंटर में फिलहाल 140 एचआईवी संक्रमित दवाई ले रहे है।
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190 एचआईवी संक्रमित के भेजे जा चुके दस्तावेज
स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी संक्रमितों को पेंशन शुरू करनी है लेकिन जिले में दवा ले रहे संक्रमितों को अभी तक नहीं मिली है। जिला मुख्यालय से 190 एचआईवी संक्रमितों की दस्तावेज पूरे करके एआरटी सेंटर रोहतक पीजीआई भेजे जा चुके है। लेकिन अभी तक जारी नहीं हुई है।
जिले में ये मिल चुके हैं एचआईवी संक्रमित
माह सामान्य मरीजों की जांच संक्रमित मिले गर्भवती की जांच संक्रमित मिले
अप्रैल 2197 11 1683 1
मई 1851 11 1614 2
जून 1475 11 1929 3
जुलाई 1186 19 1464 0
अगस्त 1221 17 1731 2
सितंबर 1209 18 1507 6
अक्टूबर 985 12 1355 0
नवंबर 1066 9 1092 0
दिसंबर 1084 10 1097 1
जनवरी 1337 8 1043 0
फरवरी 1536 6 1066 1
मार्च 1118 13 1055 0
कोट
एचआईवी संक्रमितों को उपचार के लिए एआरटी सेंटर भेजा जाता है। यहां पर 6 माह तक मरीज को दवा दी जाती है और इसके बाद लिंक एआरटी में रेफर किया जाता है। अब जिले के नजदीक अग्रोहा में एआरटी शुरू हो गया है। इससे मरीजों को दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।
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-रमेश ढाका, काउंसलर, एकीकृत जांच एवं सलाह केंद्र
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