हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले दलितों के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय अनूसूचित जाति आयोग ने एक बार फिर से सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। सोमवार को हिसार प्रशासन ने आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह के समक्ष पेश होकर उनका 25 जून का दौरा रद्द करने की गुजारिश की है। 25 जून को ईश्वर सिंह को हिसार से 100 वर्ग गज के प्लाटों का समीक्षा अभियान शुरू करना था, लेकिन 27 जून को मुख्यमंत्री का दौरा होने केकारण प्रशासन को इस बावत गुजारिश करनी पड़ी।
मुद्दा कहीं राजनीतिक रंग न ले जाए, इसलिए प्रशासन को आयोग के समक्ष घुटने टेकने पड़े हैं। उधर, आयोग ने भगाना दुष्कर्म मामले में एसआईटी गठित करने की सिफारिश पर हरियाणा सरकार से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा है कि 13 दिन हो गए एसआईटी गठित किए जाने की सिफारिश को, यदि सप्ताह के अंदर एसआईटी का गठन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों को नोटिस दिया जाएगा।
हरियाणा के मुख्य सचिव एससी चौधरी ने कहा है कि आयेग से उन्हें एक पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें आयोग ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का निर्णय लिया है। टीम में हरियाणा से दो से तीन अधिकारियों के नाम मांगे गए हैं। अभी यह मामला गृह विभाग के पास प्रक्रिया में है। इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
एसआईटी गठित न होने के कारण दौरा आगे बढ़ाया:
कोट:
मुझे 25 जून को जाना था, लेकिन आज हिसार प्रशासन के अधिकारी पेश हुए थे। उन्होंने दौरा आगे बढ़ाने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा है कि 27 को सीएम का कार्यक्रम होने के कारण प्रशासन व्यस्त रहेगा। एसआईटी का गठन नहीं हुआ है। इसलिए मैंने अपना दौरा पांच जुलाई को कर दिया है।
ईश्वर सिंह, सदस्य राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
यह है मामला:
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने हरियाणा के मुख्य सचिव से यह सिफारिश की है कि भगाना मामले में एसआईटी का गठन किया जाए। ईश्वर सिंह का कहना है कि इस एसआईटी में एक आईएएस अधिकारी, क्राइम ब्रांच में तैनात एक आईपीएस और विजिलेंस में तैनात एक आईपीएस अधिकारी को रखा जाए, जिससे ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच हो सके।