समैन। जहां चाह वहां राह कहावत को चरितार्थ किया है गांव कमालवाला के ग्रामीणों ने। अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे करीब 150 साल पुराने कुएं का जब जीर्णोद्धार हुआ तो देखने वाले दंग रह गए। यह सब संभव हुआ ब्लॉक समिति सदस्य महिपाल नैन, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की सहयोग से। कुएं के जीर्णोद्धार का यह बदलाव मेहनत, संकल्प और सामूहिक सहयोग की मिसाल बन गया है।
नैन ने बताया कि समय के साथ यह कुआं उपेक्षा, अवैध कब्जों का शिकार हो गया। कूड़ा-कचरा और गोबर डालने से इसकी दीवारें जर्जर हो गईं और आसपास की करीब 200 गज जमीन पर कब्जे हो गए। इस पर नैन ने ठाना की कुछ ऐसा किया जाए कि उनका काम औरों के लिए भी मिसाल बने। इसके लिए पहले उन्होंने कुएं के जीर्णोद्धार के लिए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पास करवाया।
इसके बाद यह प्रस्ताव ब्लॉक समिति की बैठक में रखा गया और वहां भी सर्वसम्मति से पास करवाया गया। इसके बाद इसका बजट पास हुआ और 2023 में इस पर काम शुरू हुआ। करीब 2 साल तक चले काम और 7 लाख खर्च के बाद यह पूरी तरह से तैयार हो गया। अब इस पर शाम के समय काफी रौनक रहती है। संवाद
धरोहर बचाओ मुहिम से आया ख्याल
नैन ने बताया कि ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए सरकार ने मुहिम चलाई हुई है। उसी के देखते हुए उन्हें ख्याल आया कि गांव के इस कुएं का भी जीर्णोद्धार होना चाहिए। नैन ने बताया कि कुएं के बनाने में छोटी ईंटों का इस्तेमाल हुआ है। इसमें एक पत्थर भी लगा है। जिस पर किसी लिपि में लिखा भी गया है, पर उसे पढ़ने वाला कोई मिला ही नहीं। उन्होंने इसके लिए गुगल की भी मदद ली पर यह डिकोड नहीं हो पाई।
अवैध कब्जे बने चुनौती
कुएं के जीर्णोद्धार का काम शुरू करने से पहले जरूरी था इस पर बने अवैध कब्जों को हटवाना। इसके लिए ग्रामीणों को समझाया गया। कुएं पर काफी खरपतवार उगने के अलावा यहां पर गोबर भी डाला गया था। पहले इसकी अच्छे से साफ-सफाई करवाई गई। इसके बाद इसके जीर्णोद्धार का काम शुरू हुआ। अब यह पूरी तरह से तैयार है। 13 जनवरी 2026 को छोटा कार्यक्रम कर इसका उद्घाटन किया गया।
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ग्रामीण सुमित, मंदीप, पाशा राम, पंचायत समिति सदस्य बलिंद्र जांगड़ा, नवनीत, राममेहर आदि ने ब्लॉक समिति के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐतिहासिक जड़ों को सहेजना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। कुएं के जीर्णोद्धार से न केवल गांव की सुंदरता बढ़ी है, बल्कि एक ऐतिहासिक स्थल को लुप्त होने से बचा लिया गया है।
गांव कमालवाला के कुंआ में पत्थर पर लिखा
गांव कमालवाला के कुंआ में पत्थर पर लिखा
गांव कमालवाला के कुंआ में पत्थर पर लिखा