गांव ढाणी सांचला के जोहड़ में डूबने से मां-बेटे की मौत हो गई। घटना को लेकर पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बिना पोस्टमार्टम किए ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार जाट संघर्ष समिति के युवा जिलाध्यक्ष बलवान सिंह लंबोरिया की 24 वर्षीय पत्नी सुनीता देवी और साढे़ तीन वर्षीय बेटा विनीत की मंगलवार की सुबह 11 बजे गांव के गहरे जोहड़ में डूबने से मौत हो गई। ग्रामीण दोनों को जोहड़ से बाहर निकालकर भूना के निजी अस्पताल में लेकर आए, जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांव ढाणी सांचला निवासी एवं पूर्व कैप्टन सतबीर सिंह ने बताया कि सुनीता देवी मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे जोहड़ के पास सबमर्सिबल से मटके में पानी लेने के लिए गई थी। उसका साढे़ तीन वर्षीय बेटा विनीत भी साथ था। बच्चे का जोहड़ के पास खेलते वक्त पांव फिसल गया और जोहड़ में जा गिरा।
बच्चे को बचाने के लिए उसकी मां सुनीता ने भी जोहड़ में छलांग लगा दी। जिससे दोनों मां-बेटा पानी में डूब गए। जोहड़ के पास से गुजरते समय एक व्यक्ति की नजर पानी में तैर रहे बच्चे पर गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने हाथों-हाथ बच्चे को पानी से बाहर निकाला परंतु जब उसकी मां सुनीता की तलाश गई तो वह गायब थी।
ग्रामीणों ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुनीता को भी जोहड़ के पानी से बाहर निकालकर भूना ले आए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुनीता के मायके पक्ष के लोगों ने खाबड़ा कलां से आकर घटना की पुष्टि की तथा मां-बेटे का अंतिम संस्कार बिना पोस्टमार्टम के करा दिया। घटना को लेकर ढाणी सांचला में गहरा शोक बना हुआ है। इस संबंध में थाना प्रभारी प्रदीप श्योराण ने बताया कि घटना से संबंधित उनके पास कोई सूचना नहीं है।