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Fatehabad News: फतेहाबाद में दो माह बाद फिर मिलेगी हेपेटाइटिस की जांच सुविधा

Mon, 07 Oct 2024 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में ओपीडी के लिए पंजीकरण करवाते मरीज।
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फतेहाबाद। जांच के लिए हेपेटाइटिस सी और बी के नमूने देने का इंतजार कर रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। एक बार फिर से मंगलवार से मरीजों की जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे लेकिन इस बार लिए जा रहे नमूने सिरसा की प्रयोगशाला में नहीं बल्कि अग्रोहा मेडिकल काॅलेज में जांच के लिए भेजे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय ने इसकी अनुमति दी है। हेपेटाइटिस सी के 20 नमूने ही लिए जाएंगे और बी के नमूने लेने के लिए कोई शर्त नहीं लगाई गई है।
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सिरसा जिले में एनएचएम की हड़ताल और फिर जांच किट खत्म होने से करीब दो माह से मरीज इंतजार कर रहे हैं। हेपेटाइटिस सी के लिए करीब 850 मरीजों के पंजीकरण हुए लेकिन 400 मरीज इंतजार के बाद बाहर से जांच करवा चुके हैं और 450 मरीजों ने अभी नमूने और देने हैं। हेपेटाइटिस बी के 70 मरीज नमूने देने के लिए इंतजार कर रहे हैं क्योंकि निजी लैब में जांच के लिए मरीजों को 1,500 से 2,000 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।

हेपेटाइटिस सी के मिल चुके हैं 6,265 मरीज :
जिले में कुल 100 मरीजों में हेपेटाइटिस रोग की पुष्टि हुई है और 70 मरीजों का उपचार पूरा हो चुका है जबकि 30 का चल रहा है। हेपेटाइटिस सी के दृष्टिकोण से लाल रंग के खतरनाक क्षेत्र में माना जाता है। जांच के लिए जिले में 8,150 मरीजों का पंजीकरण हो चुका है और जांच में 6,265 मरीजों की पुष्टि होने के बाद उपचार शुरू हुआ। हेपेटाइटिस बी के लिए जिले में 570 मरीजों का पंजीकरण हुआ है।
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मरीज को छह माह खानी होती है दवाई :
चिकित्सकों के मुताबिक हेपेटाइटिस सी के मरीजों को तीन माह दवा खानी होती है। जिन मरीजों का लिवर खराब हो जाता है, उन मरीजों का छह माह तक दवाई दी जाती है। जिन मरीजों का उपचार पूरा हो गया है, उन्हें हेपेटाइटिस-सी का कार्ड टेस्ट दोबारा करवाने की जरूरत नहीं है। कार्ड टेस्ट 15 साल तक संक्रमित रह सकता है। हालांकि विभाग उपचार पूरा होने के बाद वायरल लोड टेस्ट करवाता है।

निजी से अनुबंध खत्म होने बाद भटक रहे मरीज :
हेपेटाइटिस सी के उपचार के लिए पहले मरीजों को पीजीआई रोहतक जाना पड़ता था लेकिन वर्ष 2018 में जिला मुख्यालय में नमूना लेना शुरू किया गया। जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब से अनुबंध किया। वर्ष 2022 के जुलाई में निजी लैब से अनुबंध खत्म कर दिया और आरटीपीसीआर लैब में जांच करने के निर्देश दिए गए लेकिन कुछ समय तक माइक्रोबायोलॉजिस्ट रहने के बाद यह पद खाली हो गया और यहां जांच बंद हो गई। विशेषज्ञ न होने के कारण पहले अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और फिर रोहतक पीजीआई तो कभी अंबाला तक जांच के लिए नमूने भेजे गए लेकिन यहां भी बंद हो गए और अब पिछले दिनों नमूने सिरसा भेजे जा रहे थे लेकिन यहां भी जांच किट खत्म होने के कारण नमूने लेने बंद कर दिए गए।

हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल अग्रोहा मेडिकल मंगलवार को भेजे जाएंगे। प्रत्येक मंगलवार को सी के 20 सैंपल और बी सैंपल की जांच के लिए कोई शर्त नहीं लगाई गई है। जितने भी नमूने लिए जाएंगे वह सभी जांच के लिए उसी दिन अग्रोहा भेजे जाएंगे। रिपोर्ट भी जल्द आएगी। - डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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