जाखल में पहली बार पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ने दोबारा आने का कार्यक्रम बनाने की बात कही। उन्होंने इतना भी कहा कि यहां की समस्याओं को ध्यान में लाया गया है।
जिनके निदान को लेकर जल्द ही अधिकारियों से बातचीत कर इनका हल निकाला जाएगा।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को अमर उजाला ने अपने अंक में जाखल के अंदर पिछले 20 सालों से लोगों को एक्स-रे मशीन की सुविधा न मिलने का समाचार प्रकाशित कर लोगों को एक्स-रे मशीन के लिए आ रही दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया था। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे लेकर पार्टी वर्करों से जानकारी ली।
देर शाम को फतेहाबाद से लौटते समय विज बलरां रोड पर पूर्व मंडल अध्यक्ष हरीश गर्ग के कार्यालय में पहुंचे। इस दौरान हरीश गर्ग, मंडल प्रतिनिधि अरूण गुप्ता, जगवीर जग्गा व अन्यों ने अवगत कराया कि जाखल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बने करीब पांच साल हो गए हैं।
अस्पताल का जहां अभी तक उद्घाटन भी नहीं हुआ है वहीं चिकित्सकों की भारी कमी होने के कारण मरीजों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पार्टी वर्करों ने विज को बताया कि मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में कोई अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। एक साल से अस्पताल में आई एक्स-रे मशीन को चलाने के लिए रेडियोग्राफर की नियुक्ति न होने के कारण भी मरीजों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
लिहाजा लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री को बताया गया कि जाखल का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरियाणा पंजाब सीमा पर होने के कारण दर्जनों गांवों के लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
लेकिन अस्पताल को अभी तक सीएचसी का दर्जा भी नहीं मिलने के कारण सुविधाओं की भारी दरकार बनी हुई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जाखल में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
इसके लिए जल्द ही यहां पर निरीक्षण भी किया जाएगा। इस मौके पर गुलशन मदान, विकास कंसल, गगनदीप जैन, गगनदीप तलवाड़ा, सुरेंद्र सिधानी व गौरव जिंदल, गोरखा कड़ैलिया सहित अन्य कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।