मुकेश खुराना । शहर की अनेक जिम में जाकर खुद को फिट रखने और बॉडी बनाने की चाह रखने वालों के लिए बुरी खबर है। ऐसा संभव है कि जिम के अंदर शरीर को और बेहतर बनाने के लिए जिस सोयाबीन के दूूध और पनीर का आप इस्तेमाल कर रहे हैं, वो अंदर ही अंदर आपके शरीर को खोखला बना सकता है। फतेहाबाद में इन दिनों फतेहाबाद में पॉवर और बॉडी बनाने के नाम पर मानकों पर खरे न उतरने वाला प्रतिदिन हजारों लीटर सोयाबीन दूध और पनीर सप्लाई हो रहा है। जो कि युवाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा अटैक कर रहा है। ये ही नहीं यह सोयाबीन का दूध और पनीर शहर की कई जिम पर भी सप्लाई हो रहा है। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि इस कारोबार से जुडे़ लोगों के पास किसी प्रकार का कोई लाइसेंस नहीं है। इस बात की पुष्टि खुद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने की है।
शहर में ही होता है तैयार, न मैन्युफैक्चरिंग और न एक्सपायरी डेट
फतेहाबाद में आधा दर्जन के करीब फैक्ट्रियों पर सोयाबीन का दूध और पनीर तैयार किया जाता है। इस दूध और पनीर को तैयार करके पैकिंग किया जाता है और उसके बाद दुकानों पर सप्लाई होता है। यह दूध शहर की दुकानों से लेकर गांवों में सप्लाई होता है। अमर उजाला द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया कि सोयाबीन के नाम पर अलग-अलग फ्लेवर मेेें बिक रहे दूध और पनीर की पैकिंग पर किसी प्रकार की मैन्युफैक्चरिंग डेट नहीं है कि इसे कब तैयार किया गया। इसके बाद पैकिंग पर किसी प्रकार का बैच नंबर भी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानेें तो किसी भी खाद्य पदार्थ को बेचने से पहले उसकी अनुमति लेनी जरूरी होती है। इसके साथ पैकिंग पर एफएसएसआई की मोहर लगाई जाती है। इसके अलावा विभाग की अनुमति के बाद ही दूध को खुशबूदार बनाने के लिए केमिकल का प्रयोग किया जा सकता है।
सैंपलिंग लेने गई टीम को मिला था बदबूदार पनीर:
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 10 दिन पहले मॉडल टाऊन में सोयाबीन का दूध और पनीर बेचने वाली दुकानों पर छापा मारा था। टीम ने जब फ्रीजर की जांच में पाया कि उसके अंदर रखा जो पनीर और दूध मिला वह बदबू मार रहा था। टीम ने मौके पर दुकानदार से लाइसेंस भी मांगा, लेकिन दिखा नहीं पाया था।
अधिकतर जिमों में हो रही है सप्लाई:
सेहत के नाम पर फतेहाबाद शहर की अधिकतर जिमों में सोयाबीन का दूध और पनीर सप्लाई होता है। सोयाबीन का दूध 10 रुपये से 15 रुपये तथा पनीर 20 रुपये की पैकिंग में उपलब्ध है।
किसी भी खाद्य पदार्थ को पैकिंग कर बेचने से पहले फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर से अनुमति लेनी जरूरी होता है। पैकिंग पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, बैच नंबर, एक्सपायर डेट और एफएसएसआई की मोहर जरूरी होती है।
डॉ. सुजाता बंसल
डिप्टी सिविल सर्जन
हमने सोयाबीन दूध और पनीर बेचने वाली दुकान से सैंपल लिए हैं। दुकानदार के पास लाइसेंस भी नहीं मिला, उसे चेतावनी दे दी गई है। सैंपल का रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा दूसरे दुकानदारों पर भी शिकंजा कसा जा जाएगा।
डॉ. गिरीश
डिप्टी सिविल सर्जन