फतेहाबाद। मानसून में जलभराव के चलते स्वास्थ्य विभाग को बीमारियां फैलने का खतरा भी सताने लगी है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय से ब्लीडिंग चेकर रखने की अनुमति मांगी थी। विभाग ने सर्वे के लिए 20 ब्लीडिंग चेकर रखने की अनुमति दे दी है। एक जुलाई से अस्पताल स्तर पर ब्लीडिंग चेकर रखे जाएंगे।
फतेहाबाद में 6 ब्लीडिंग चेकर रखे जाएंगे जो कि डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। सर्वे के दौरान लारवा मिलने पर नष्ट करेंगे। इसके अलावा जिन घरों में लारवा मिलेगा, उन्हें नोटिस भी जारी करेंगे। स्वास्थ्य विभाग इन ब्लीडिंग चेकर को तीन माह के लिए रखेगा। फिलहाल जिले में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी सर्वे कर रहे है। लेकिन जिले में एमपीएचडब्ल्यू की कमी है। इसके चलते विभाग ने इन्हें रख रहा है। अब तक जिले में करीब 350 घरों में लारवा मिलने पर नोटिस जारी हो चुके हैं।
रैपिड फीवर सर्वे में ये मिल चुके हैं बुखार केस
माह बुखार पीड़ित मिले
अप्रैल 2062
मई 2185
जून 1981
जिले में डेंगू और मलेरिया की स्थिति
वर्ष डेंगू मरीज मिले मलेरिया मरीज मिले
2015 189 992
2016 38 368
2017 419 107
2018 56 2
2019 29 5
2020 35 4
2021 993 2
2022 154 0
2023 0 0
मलेरिया के ये हैं लक्षण
- तेज बुखार होना
- सर्दी व कंपन
- सिर दर्द व उल्टियां होना
मच्छर के काटने से खुद को ऐसे बचाएं
मलेरिया व मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए खासकर गर्भवती महिला और बच्चों को मच्छरदानी या क्रीम का प्रयोग करना चाहिए। घर के दरवाजे व खिड़कियों पर जाली का इस्तेमाल करें। कीटनाशक छिड़काव के बाद कम से कम तीन महीने तक रंग-रोगन न करवाएं। पूरी बाजू के कपड़े पहने।
कोट
जिले में अब तक डेंगू और मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है। विभाग की तरफ से रैपिड फीवर सर्वे भी चल रहा है। मानसून में जलभराव के चलते लारवा पनपने का खतरा रहता है। इसके चलते जिले में 20 ब्लीडिंग चेकर रखने की अनुमति मिली है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी विशेषज्ञ