जाखल गांव में डेंगू-मलेरिया के मच्छरों को लेकर घरों में सर्वे करती स्वास्थ्य विभाग की टीम ।
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स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने मंगलवार को जाखल मंडी मे डोर टू डोर जाकर डेंगू, मेलरिया, दिमागी बुखार व स्वच्छता को लेकर सर्वे किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाखल के स्वास्थ्य विभाग पीएचसी सिधानी की एएनएम चरणजीत कौर एवं गगनदीप सिंह के नेतृत्व में आशा वर्करों की टीम ने जिन घरों मे लारवा मिले उन्हें नोटिस भी थमाए। स्वास्थ्य टीम ने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल चांदपुरा में भी सभा करके स्कूली छात्र-छात्राओं को डेंगू, मेलरिया के लक्षण एवं स्वच्छता के निर्देश दिए ताकि डेंगू इत्यादी बिमारी ना फैल सके। गांव में सर्वे के दौरान आशा वर्करों ने लोगो को समझाया कि सर्दी के साथ बुखार आना, पसीना आकर बुखार उतरना, एक दिन के बाद बुखार आना, बुखार के साथ शरीर टूटने के लक्षण मेलरिया के होते है । उन्होंने बताया कि मलेरिया होने पर 14 दिन का उपचार करवाना, डेंगू के लक्षण बताते हुए कहा कि सिर में दर्द, आंखो के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर में लाल दाने निकलना, जोड़ो में दर्द होना, शरीर के किसी भी हिस्से मे रक्त का स्राव होना, तेज बुखार आना, शरीर का टूटना इत्यादी । रमेश कुमार ने डेंगू के बचाव की जानकारी देते हुए बताया कि कूलर , फ्रिज, गमलों व नालियों में पानी जमा ना होने देना व आसपास स्वच्छता बनाए रखना, डेंगू होने पर सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही दवाई लेनी चाहिए । इस दौरान स्वास्थ्य टीम ने 10 घरो में लारवा मिलने पर उनको नोटिस थमाए। स्वास्थ्य निरीक्षक ने बताया कि एक बार नोटिस देने के बावजूद अगर फिर उसी घर में लारवा मिला तो ऐसे मकान मालिक को 3 हजार जुर्माना हो सकती । स्वास्थ्य टीम में आशा वर्कर बलजिन्दर कौर, संदीप कौर, पुष्पा देवी, सुखपाल कौर सहित मास्टर निर्मल सिंह व स्कूली छात्राएं शामिल रहे ।