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Fatehabad News: बहन के बारे में बोले थे अपशब्द, दोस्त ने ही की थी हत्या

Sun, 02 Nov 2025 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद/भट्टकलां। गांव खाबड़ा में 25 अक्तूबर को नाले में मृत मिले युवक मुकेश के ब्लाइंड मर्डर मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। मुकेश की हत्या उसी के दोस्तों ने की थी। शराब पीने के दौरान मुकेश ने दोस्त दीपू की बहन के बारे में अपशब्द कह दिए थे। जिसके बाद उसकी तेजधार हथियार कापे से वार कर हत्या कर दी गई और गड्ढा खोदकर शव दफना दिया था।
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डीएसपी कुलवंत सिंह ने बताया कि 28 अक्तूबर को मृतक मुकेश के भाई नरेश कुमार ने शव की पहचान की थी। नरेश ने बताया था कि उसका भाई मुकेश कुमार 18 अक्तूबर को घर से किसी काम से निकला था और वापस नहीं लौटा था। इस मामले को ट्रेस करने के लिए भट्टू कलां पुलिस और सीआईए टीम लगाई गई।

पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी मोहित कुमार उर्फ बादल तथा दीपू पुत्र बिजेंद्र सिंह निवासी खाबड़ा कलां को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि वे मृतक मुकेश के दोस्त थे। पूछताछ में मोहित और दीपू ने बताया कि उन्होंने 18 अक्तूबर की शाम को अपने दोस्त मुकेश कुमार के साथ जोहड़ किनारे बैठ कर शराब पी थी। तीनों आपस में बात कर रहे थे।
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इसी दौरान मुकेश ने दीपू की बहन को लेकर कुछ अपशब्द कह दिए। इससे दीपू बुरी तरह गुस्सा हो गया औक वह उसी समय अपने घर चला गया। थोड़ी देर बाद दीपू घर से तेजधार हथियार कापा लेकर वहां आया। उसने आते ही मुकेश के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इससे वह अधमरा हो गया। इसके बाद दोनों ने घर से कस्सी लाकर मुकेश के शव को वहीं नाले के किनारे गड्ढा खोद मिट्टी में दबा दिया। इसके बाद ऊपर से घास फूस डालकर शव को छुपा दिया।

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नोचा हुआ था शव

किसी ग्रामीण ने सात दिन बाद 25 अक्तूबर को शव देखा। उस समय शव बुरी तरह नोचा हुआ था। शव के हाथ-पैर तक बुरी तरह क्षत-विक्षत स्थिति में थे। इसके बाद भट्टू पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। यहां पर शव को पहचान के लिए रखा गया था।

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मुंह पर किए गए कई वार

पुलिस अधिकारियों की माने तो मृतक मुकेश के चेहरे पर कई वार किए गए थे, जिससे उसकी मौत हुई थी। पुलिस के अनुसार तीनों गुजरात भी गए थे और वहां पर एक कंपनी में नौकरी करके आए थे।

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ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा पुलिस की सतर्कता, वैज्ञानिक जांच और अपराध के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है और कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन है।
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सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक
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