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आराम से सोए थे, थोड़ी देर बाद घर में भर गया पानी

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बाढ़ पीड़ित मॉडल टाउन निवासी संदीप। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। शनिवार की वह काली रात भूनावासी भुलाए भी नहीं भूल पा रहे हैं। बारिश के कारण भूनावासियों पर जो विपदा आई, उससे गरीब व अमीर कोई अछूता नहीं रहा। शनिवार को लगातार 10 घंटे हुई बारिश भूनावासियों के लिए कहर बनकर बरपी। रात को लोग घरों में इत्मिनान से सोए ही थे। कुछ देर बाद ही घर में पानी भरने लगा। चारपाइयां तक पानी में डूबने लगी। लोगों ने सोचा कि हमेशा की तरह पानी निकल जाएगा, लेकिन धीरे-धीरे जलभराव ज्यादा होने लगा तो घरों से जरूरी सामान लेकर निकलना पड़ा।
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सुबह तक घरों में पांच फुट पानी भर गया। इसी पानी के बीच छोटे बच्चों को अपने कंधों पर बैठाकर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकल पड़े। बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि उनको प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है। उनको मांगकर भोजन लेना पड़ रहा है और सामाजिक संस्थाओं की धर्मशालाओं में रहना पड़ रहा है। वहीं, भूना की अनाज मंडी में करीब तीन से चार फुट तक पानी भरा हुआ है। मंडी के अनेक आढ़तियों के बही खाते खराब हो गए हैं और पेस्टीसाइड की बोतलें पानी में बहने लगी हैं। पानी के लंबे समय तक एकत्रित रहने के कारण अब भूनावासियों को बीमारी फैलने का भय और सता रहा है। संवाद
कोट
शनिवार रात को हम हिसार रोड पर हम 15 परिवार के लोग अपनी झुग्गी झोंपड़ियों में सोए हुए थे। देर रात तक चारपाइयों तक पानी आ गया, जिससे हड़कंप मच गया। झोंपड़ियों में काफी बच्चे और बुजुर्ग थे। अचानक आई इस आपदा के चलते किसी प्रकार से जरूरी सामान लेकर वह अपनी झोंपड़ियों से बाहर निकले। यहां पर एक शीशे की दुकान है, उसके मालिक ने उनको पनाह दी। पीने पानी के लिए हमें परेशान होना पड़ता है और चार से पांच फुट पानी के बीच जाकर कैंपर लेकर आना पड़ता है। हालांकि, भोजन की व्यवस्था सही है, लेकिन दवाओं का अभाव है। रात को बिजली नहीं होती, इसलिए मच्छरदानियों में सोना पड़ रहा है। मच्छरों की यहां पर भरमार बनी हुई है।
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-ज्योति, भूनावासी
शनिवार रात को ही घर में पानी भरने लगा था। सुबह दो से तीन फुट तक पानी घर में था। हमने सोचा कि पानी निकल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रविवार सुबह पानी तेजी से घरों में भरने लगा तो पता चल गया कि पानी और बढ़ेगा। जल्दबाजी में उन्होंने आवश्यक सामान निकाला और पास की अग्रसेन सभा धर्मशाला में पहुंचे और यहां पर शरण ली। सुरेश ने बताया कि दूध-सब्जी, रोटी, राशन आदि हर चीज के लिए वे मोहताज हो गए हैं। मांग कर उन्हें पेट भरना पड़ रहा है। कभी जिंदगी में सोचा भी नहीं था कि ऐसा भी दिन देखना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से न केवल जल्द से जल्द पानी निकालकर प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग की बल्कि भविष्य के लिए पुख्ता इंतजाम करने, यहां पर बूस्टिंग सिस्टम तैयार करने की मांग की है।
-सुुरेश कुमार, निवासी, चंदन नगर भूना
कोट
आधी रात को मेरी आंख खुली तो मैं भौचक्का रह गया। मेरा पूरा घर पानी से भरा हुआ था। मैंने आसपास नजर दौड़ाई तो पूरे मोहल्ले में पानी ही पानी नजर आया। मेरे एक बेटा व बेटी हैं और दोनों छोटे हैं। सुबह पानी का स्तर और बढ़ता चला गया और मकान में तीन फुट पानी जमा हो गया। मैंने बच्चों व बीवी के कपड़े उठाए और जनता धर्मशाला में पहुंच गया। बाद में पता चला कि उनके क्षेत्र में छह फुट तक पानी जमा हो गया है। मेरे घर का फ्रीज, बेड, बाइक व अन्य सामान पूरी तरह से खराब हो गया है। पांच फुट पानी में चलकर मैं अपने घर को चेक करके आता हूं, घर का सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया है। अब तो पानी पांच दिनों से जमा है और इसके निकलने के आसार दिखाई नहीं दे रहे। ऐसे में क्षेत्र में महामारी का भय भी बना हुआ है।
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-संदीप कुमार, मॉडल टाउन, निवासी

बाढ़ पीड़ित चंदन नगर निवासी सुरेश- फोटो : Fatehabad

बाढ़ पीड़ित ज्योति रानी।- फोटो : Fatehabad

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