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संकट में साथ नहीं दे रहे गुरुजी, 25 में से कोई नहीं पहुंचा

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कोरोना मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टर व अन्य स्टाफ कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। अस्पताल में मैनपावर का संकट हो गया है। घरों में आइसोलेट मरीजों को टेलीकॉलिंग करने और कंप्यूटर पर डाटा अपलोड करने के लिए मैनपावर नहीं है। इस संकट की घड़ी में शिक्षक भी साथ नहीं दे रहे हैं। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने मदद के लिए शिक्षक मांगे थे, लेकिन 25 में से किसी भी शिक्षक ने कार्य नहीं संभाला है।
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बता दें कि 25 में से 3 शिक्षक पहुंचे और उसमें से एक ने कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट दी है तो दूसरे ने वर्क फ्रॉम होम की अनुमति मांगी है। यही नहीं शिक्षा विभाग की तरफ से भेजे गए 10 कंप्यूटर शिक्षक और लैब तकनीशियन ने भी काम करने से मना कर दिया है। बताया जा रहा है कि स्कूल बंद होने के दौरान मानदेय न मिलने के कारण काम करने से इंकार किया गया है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग का कहना है कि वह मैनपावर देने को तैयार हैं, कई खंडों में शिक्षक काम भी कर रहे हैं। दोनों विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण दिक्कत आ रही है।
अस्पताल में रोजाना स्टाफ मिल रहा संक्रमित
नागरिक अस्पताल में कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए तीन-तीन वार्ड बनाए गए हैं। हालात ये हैं कि कोई बेड खाली नहीं है। मरीजों के इलाज में जुटे डॉक्टर और अन्य स्टाफ कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। इसके चलते अस्पताल में मैनपावर की कमी हो रही है। करीब 20 से 22 फीसदी तक स्टाफ कोरोना संक्रमित हो चुका है।
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कंप्यूटर शिक्षकों और एलटी को वेतन नहीं तो मदद भी नहीं
खंड फतेहाबाद की तरफ से नागरिक अस्पताल में 10 कंप्यूटर शिक्षक और एलटी भेजे गए थे। लेकिन एलटी और कंप्यूटर शिक्षकों ने काम करने से मना कर दिया। शिक्षकों और एलटी का कहना है कि स्कूल बंद होने के दौरान उन्हें वेतन नहीं मिलता है। यहां तक कि रविवार छुट्टी का भी मानदेय नहीं मिलता है।
कोट
नागरिक अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ कोरोना संक्रमित आ रहे है। मैनपावर की कमी के चलते काफी परेशानी हो रही है। इसके चलते प्रशासन से शिक्षक मांगे गए थे। हमारे पास 25 शिक्षकों की सूची आई थी। इसमें एक शिक्षक ने वर्क फ्रॉम होम की अनुमति मांगी है। पहले कंप्यूटर शिक्षक और एलटी आए थे लेकिन वह दोबारा नहीं आए। इस संकट की घड़ी में सभी को मिल जुलकर काम करने की जरूरत है।
- डॉ. राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी।
कोट
जिले के सभी खंडों में शिक्षक भेजे गए हैं और वहां ज्वाइन कर लिया है। अगर खंड फतेहाबाद में कोई दिक्कत आ रही है तो इसकी जानकारी नहीं है। जहां तक कंप्यूटर शिक्षक और एलटी का सवाल है, उन्हें स्कूल बंद होने पर मानदेय नहीं मिलता है। ये मामला प्रशासन के सामने उठाया जा चुका है। बाकी हम मैनपावर देने को तैयार हैं।
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- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी।
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