अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी गोयल की अदालत ने सोमवार को किशोरी के साथ दुराचार करने के मामले में एक युवक को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा और इस काम में सहयोग करने वाले एक अन्य युवक को तीन साल की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी युवक पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर छह माह और सजा भुगतनी पड़ेगी।
सरकारी वकील के अनुसार गांव धिड़ निवासी गुरप्रीत पुत्र भोला राम जाखल से एक किशोरी को भगा ले गया था। इस काम में उसके दोस्त कुलदीप पुत्र उमेद ने सहयोग दिया था।
पुलिस ने 25 सितंबर 2013 को दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। कई दिनों के बाद किशोरी को गांव धिड़ से बरामद कर लिया था और पुलिस ने दोनों युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने युवती का मेडिकल करवाया तो दुराचार की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने कुलदीप और गुरप्रीत के खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज किया था।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी गोयल की अदालत ने सोमवार को मामले में अपना फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी गुरप्रीत को दुराचार का दोषी माना जबकि उसके सहयोगी कुलदीप को सहयोग करने का दोषी माना।
अदालत ने गुरप्रीत को 10 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है जबकि युवक के दोस्त को सहयोग करने के मामले में 3 साल की सजा सुनाई है।