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Fatehabad News: सपनों पर शुल्क का पहरा, पदक की राह में लाचारी का घेरा, शिक्षा और खेल विभाग में 30 हजार रुपये के शुल्क विवाद से भोडियाखेड़ा स्टेडियम में एक घंटे देरी से शुरू हो सकी जिलास्तरीय प्रतियोगिता

Wed, 29 Jul 2026 10:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं भोडियाखेड़ा स्टेडियम में घोर अव्यवस्थाओं की शिकार हो गईं। बुधवार को स्टेडियम के इस्तेमाल की एवज में खेल विभाग द्वारा 30 हजार रुपये की मांग किए जाने पर एक घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला।
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शिक्षा विभाग के मना करने पर खेल विभाग ने प्रवेश से इनकार कर दिया। बाद में एईओ अनूप सिंह के अनुरोध पर जिला खेल अधिकारी विष्णु दास ने हॉल खुलवाया तब जाकर स्पर्धाएं शुरू हो सकीं।

प्रतियोगिताओं में इस्तेमाल किए जा रहे कुछ खेल उपकरण खराब स्थिति में मिले। खिलाड़ियों ने इसकी जानकारी टीम प्रभारियों को भी दी लेकिन उन्हें उपलब्ध संसाधनों के साथ ही मुकाबले खेलने पड़े। खेल सामग्री की कमी के कारण शिक्षा विभाग को अन्य संस्थानों और विभागों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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खिलाड़ियों को नहीं मिलीं मूलभूत सुविधाएं

भोडियाखेड़ा स्टेडियम में शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित जिला स्तरीय कुश्ती, जूडो और जिम्नास्टिक प्रतियोगिताओं में व्यवस्थाओं की कमी सामने आई। खिलाड़ियों को गर्मी से राहत, पेयजल और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ी।

प्रतियोगिता स्थल पर पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण एक ही हॉल में कुश्ती और जिम्नास्टिक के मुकाबले करवाए गए जबकि दूसरे हॉल में जूडो प्रतियोगिता आयोजित हुई। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के अनुसार हॉल में भीड़ अधिक होने से गर्मी और उमस की स्थिति बनी रही।

खिलाड़ियों को सुविधाओं की दरकार

गर्मी के मौसम में आयोजित प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त कूलर, पंखे और पेयजल की व्यवस्था नहीं दिखाई दी। वकर्मचारियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी खिलाड़ियों और अभिभावकों में नाराजगी रही। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को उचित माहौल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।



प्रतियोगिताओं का आयोजन भोडियाखेड़ा स्टेडियम में कराया गया। खेल विभाग ने शुरुआत में 30 हजार रुपये की राशि मांगी थी जिससे एक बारगी दिक्कत आई। हालांकि, बाद में प्रतियोगिताएं सुचारू रूप से संपन्न करा ली गईं। - अनूप सिंह, एईओ, शिक्षा विभाग।



खेल विभाग द्वारा स्टेडियम के इस्तेमाल के लिए शुल्क निर्धारित है इसलिए 30 हजार रुपये मांगे गए थे। विभागीय खर्चों और खेल सामान के रखरखाव का यही जरिया है। हालांकि, बाद में अनुमति दे दी गई थी। - विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद।
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