जिले में दोपहर साढ़े बारह बजे शुरू हुई बारिश ने शहर को डूबो दिया। ऐसी कोई सड़क नहीं दिखी जिस पर पानी न भरा हो। ऐसे में प्रशासन के मानसून संबंधी दावों की पोल खुलती नजर आई। शहर का सबसे व्यस्त इलाका जीटी रोड तो पानी में पूरी तरह डूब गया। इससे सड़क के बीचों बीच ही कई वाहन रुक गए। जिससे कई जगहों पर देर तक जाम जैसी स्थिति बनी रही।
सड़क के किनारे बनी दुकानों के आगे भी पानी भर गया। दुकान में खरीदारी के लिए जाने वाले लोगों ने पानी भरने के कारण जीटी रोड पर ही गाड़ियों की पार्किंग कर दी जिससे सारा दिन जाम जैसी स्थिति बनी रही।
अमर उजाला ने अधिकारियों को मानसून के संबंध में आगाह किया था कि अगर मानसून में एक घंटा भी जोरदार बारिश हुई तो पूरा शहर पानी से भर सकता। ऐसा हुआ भी, बारिश काफी देर तक चली जिससे पूरे शहर में पानी ही पानी था। इसके कारण जाम जैसी स्थिति बनी रही। ट्रैफिक पुलिस पूरी यातायात व्यवस्था को संभालती नजर आई पर ट्रैफिक के आगे पुलिस भी बेबस दिखी।
सायरन बजाती रही पुलिस
जब ट्रैफिक व्यवस्था पर पुलिस का जोर नहीं चला तो पुलिस ने सायरन बजाकर सड़क के दोनों और खड़ी गाड़ियों के मालिकों को बुला-बुलाकर सड़क पर खड़े वाहन हटवाए। एक घंटे की बारिश ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। किसी भी विभाग की तैयारी मानसून का लेकर नहीं दिखी। सड़क के दोनों और पानी भरने से जहां जनस्वास्थ्य विभाग के दांवों की पोल खुलती नजर आई वहीं ट्रैफिक व्यवस्था का सुचारु न कर पाने के कारण पुलिस प्रशासन की पोल खुलती नजर आई।
जीटी रोड डूबा
करीब एक घंटा झमाझम बारिश होने से जीटी रोड पानी में पूरी तरह डूब गया। लोगों के वाहन घुटनों तक खड़े पानी में जाकर बंद हो गए। जिससे जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात को जैसे-तैसे सुचारु करवाया। जीटी रोड पर पानी खड़ा होने से दुकानदार काफी नाराज दिखे उन्होंने प्रशासन को जमकर कोसा। दुकानदारों का कहना था कि अगर एक घंटा और बारिश आती तो उनकी दुकानों में भी पानी भर जाता।
गलियां भी बनी तालाब
बारिश का पानी भरने से जहां जीटी रोड भी अछूता नहीं रहा वहीं शहर की गलियों की भी यही हालत देखने को मिली। लोगों के घरों में पानी घूस गए। कई जगहों पर सीवर बैक मारने लगे। जिससे लोगों के घरों में सीवरेज का गंदा पानी भर गया और बदबू के मारे उन्हें घर से बाहर निकलना पड़ा। करीब आधे से ज्यादा शहर की गलियां भी पानी से लबालब भर गई। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मुसीबत बने बड़े- बड़े गड्ढे
बारिश में सबसे ज्यादा लोगों को डर गड्ढों से रहता है क्योंकि बारिश में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं और वाहन चालकों को ये दिखाई नहीं देते। बृहस्पतिवार को भी कई वाहन चालक इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो गए जिसका उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। लोगों ने कहना है कि नगर परिषद के कर्मचारियों को कई बार गड्ढों की शिकायत कर चुके हैं पर समस्या जस की तस है।
बस स्टैंड पानी में डूबा
शहर का बस स्टैंड भी पानी में डूब गया जिससे यात्रियों को बस पर चढ़ने और उतरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड के परिसर में घुटनों तक पानी खड़ा हो गया जो देर शाम तक यू ही खड़ा रहा। बस स्टैंड पर यात्री पानी से अपने कपड़े बचाते दिखे। कैथल जाने वाले यात्री रमेश, सुरेंद्र, मीना और जगन ने बताया कि बस स्टैंड पर इतना पानी खड़ा देखकर हैरानी हुई। काफी परेशानी से बस में चढ़े।
शहर में ड्रेन नहीं : एक्सईएन
इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन विक्रम सिंह ने बताया कि बारिश के पानी को उतरने में समय तो लगेगा ही। उन्होंने बताया कि शहर में कोई ड्रेन नहीं है, जिसके कारण पानी जल्दी से नहीं जा पाता। पानी को खतों में छोड़ना पड़ता है। जनस्वास्थ्य विभाग अपनी तरफ से और प्रयास करेगा ताकि शहर में पानी खड़ा न हो।