फतेहाबाद। जिले में ठंड के बढ़ते असर और बादलवाही के बीच किसान अपनी रबी की फसलों की सुरक्षा के लिए सक्रिय हो गए हैं। गेहूं की फसल को गुल्ली-डंडा और अन्य चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों से बचाने के लिए उन्होंने खेतों में पेस्टिसाइड का छिड़काव शुरू कर दिया है।
किसान मुख्य रूप से लीडर, प्लस, टॉपिक और इक्सील जैसी दवाओं का उपयोग कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते में इन दवाओं की बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। किसानों का उद्देश्य फसल की उत्पादन क्षमता बनाए रखना और खरपतवार के प्रभाव को कम करना है।
साथ ही, कृषि विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यदि हल्की बारिश या बूंदाबांदी होती है, तो यूरिया खाद की मांग और बढ़ जाएगी। किसान बारिश के तुरंत बाद यूरिया का छिड़काव करना पसंद करते हैं ताकि फसल को आवश्यक नाइट्रोजन मिल सके और ठंड के असर से बचाव हो सके।
इस स्थिति को देखते हुए खाद की दुकानों और प्रशासन ने स्टॉक और आपूर्ति बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि वे किल्लत से बचने के लिए पहले से ही खाद का स्टॉक जुटाने में लगे हैं। इस तरह ठंड और बादलवाही के बीच किसानों ने फसल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खेतों में पेस्टिसाइड और यूरिया का छिड़काव शुरू कर दिया है।
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:: यदि ठंड के तुरंत बाद तेज धूप निकलती है, तो फसलों में तेलीय रोगों और कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे में किसान खरपतवार नाशक दवाओं का छिड़काव दोपहर के समय ही करें जब ओस पूरी तरह सूख चुकी हो। ओस की उपस्थिति में दवाओं का असर कम हो जाता है। इन दिनों मौसम फसलों के अनुकूल है। अगर अब बारिश होती है तो इससे फसलों में वृद्धि दर बढ़ेगी। किसान समय-समय पर अपनी फसलों की देखभाल करते रहे।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।