फतेहाबाद। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने की मंशा पर वन विभाग के ही कर्मचारी पलीता लगा रहे हैं। कर्मचारियों की लापरवाही से पौधे बर्बाद हो रहे हैं। जिले में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लक्ष्य से साल 2023-24 में 7,65,800 छायादार पौधे लगाए गए। मगर ये पौधे वन विभाग की अनदेखी की भेंट चढ़ गए।
पौधों काे एक बार लगाने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी हाेते ही वन विभाग ने इन पौधों से नाता तोड़ लिया। इन पौधों में से बहुत से पौधे पशुओं को नष्ट कर दिए हैं। अधिकांश पौधे पानी नहीं मिलने के कारण सूख गए हैं। सड़कों के किनारे लगाए गए पौधों के नामोनिशान मिट गए हैं। वर्ष 2024-25 में वन विभाग को 6,68,500 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जो पौधे वर्ष 2023-24 में लगाए गए थे, उनमें से करीब 40 प्रतिशत पौधे सूखे से और बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। वन विभाग की अनदेखी के कारण पौधों की न तो देखरेख ठीक से हो पाती है, और न ही सुरक्षा। पिछले दो वर्षों में 562 पेड़ अंधड़ के कारण टूट गए हैं। संवाद
सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर काट दिए पेड़, नए नहीं हो रहे कामयाब
इस वर्ष सड़कों को चौड़ा करने के नाम पर हजारों पेड़ों को काट दिया गया है। मगर उनके स्थान पर नए पेड़ लगाने का काम शुरू नहीं हुआ है। हर वर्ष वन विभाग लाखों पेड़ों को लगाकर उनकी देखरेख करने का दावा करता है। मगर एक बार पेड़ लगाने के बाद कागजी कार्रवाई होते ही वन विभाग इन पेड़ों से नाता तोड़ लेता है। नतीजतन, नए पौधों को पेड़ बनाने में सफलता नहीं मिल पा रही है।
ठंड के कारण 20 हजार नीम के पेड़ हो चुके प्रभावित
इस वर्ष पाला जमने और ठंड के लंबे समय तक चलने के कारण जिले में 90 हजार नीम के पेड़ों में से करीब 20 हजार पेड़ सूख गए हैं। इनके स्थान पर नए पेड़ लगाने का अभी तक कोई जिक्र भी नहीं किया गया है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि समय अनुसार सूखे हुए पेड़ हरे हो जाएंगे।
कोट
गर्मी अधिक होने और दीमक लगने के कारण पौधे सूख रहे हैं। पौधे 48 डिग्री का तापमान भी सहन नहीं कर पा रहे हैं। हरियाली बढ़ाने के लिए वन विभाग पूरी तरह प्रयासरत हैं।
-राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद