जाट आरक्षण आंदोलन के फिर से प्रबल होने की संभावनाओं के बीच जिला प्रशासन ने शुक्रवार को पूर्व में जाट आंदोलन के दौरान मुखर रहे 34 लोगों को नोटिस भेजा है। इन सभी लोगों से जिला प्रशासन ने उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगा है। ताकि दोबारा जाट आंदोलन के शुरुआत पर होने वाले सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई करवाई जा सके। आरक्षण संघर्ष समिति के प्रस्तावित पांच जून के आंदोलन के मद्देनजर जिला में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने धारा 144 लागू की हुई है। प्रशासन ने आंदोलन के लिए भोजराज चौक पर ही मीटिंग करने के लिए संघर्ष समिति को कहा है।
प्रशासन ने संघर्ष समिति से जिला में शांति बनाए रखने की अपील की है। उपायुक्त एनके सोलंकी ने कहा है कि आंदोलन की आड़ में संपत्ति का नुकसान पहुंचाने वाले और तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों को चिन्ह्ति करके नुकसान की भरपाई उपद्रवियों की संपत्ति से की जाएगी। जिला के 34 ऐसे व्यक्तियों को नोटिस देकर उनकी संपत्ति का ब्योरा भी मांगा गया है। उपायुक्त ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेशों में निर्देश दिए है कि जन आंदोलनों के दौरान हुई हिंसा में जान-माल और संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए अपराध करने वालों के साथ-साथ इस प्रकार के आंदोलन करने वाले लोगों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि पिछले दिनों घटित हुए आंदोलन में प्रदेश में कई हजार करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ है और कई लोगों की जाने भी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अंतर्गत इन आदेशों का पालन करते हुए नुकसान की भरपाई के लिए अपराधियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी को तय किया गया है। प्रदेश सरकार ने इस बारे कार्रवाई शुरू कर दी है और क्लेम कमिश्नर की नियुक्ति करने का भी फैसला लिया है। इसके तहत आगामी कार्रवाई की जाएगी।
इनको भेजे गए हैं नोटिस
प्रशासन ने सूबे सिंह पुत्र रणजीत सिंह निवासी दौलतपुर, सूरत सिंह पुत्र निहाल सिंह निवासी गाजूवाला, महाबीर पुत्र हरफूल निवासी ढाणी गोपाल, ओम प्रकाश पुत्र नत्थू राम निवासी मेहूवाला, रविंद्र कुमार पुत्र बगडावत निवासी किरढ़ान, अरुण पुत्र राम कुमार निवासी गाजूवाला, जगमहेंद्र पुत्र शंभू राम निवासी भिम्मेवाला, बुधराम पुत्र छबीला राम निवासी भोजराज, सतबीर पुत्र विजय निवासी नहला, रघुबीर पुत्र हरि सिंह निवासी गोरखपुर, शमशेर पुत्र जापान सिंह निवासी नहला, सुरेश फौजी पुत्र छबीला राम निवासी गोरखपुर, बलबीर सिंह पुत्र छोटूराम निवासी ढाणी डूल्ट, मोनू पुत्र जयपाल निवासी ढाणी डूल्ट, रघुबीर सिंह पुत्र उजाला निवासी नहला, रघुबीर सिंह पुत्र गजे सिंह निवासी गाजूवाला, रवि पुत्र ओम प्रकाश निवासी ढाणी डोबा, भजन लाल पुत्र सुलतान सिंह निवासी ढाणी ईश्शर, सुनील पुत्र नंद लाल निवासी अग्रवाल कॉलोनी फतेहाबाद, देवीलाल पुत्र राममूर्ति निवासी भोडिया खेड़ा, बलदेव पुत्र मोमन राम निवासी भूथन कलां, राजेंद्र पुत्र हनुमान निवासी भट्टू कलां, सतीश कुमार पुत्र इंद्र सिंह निवासी कन्हड़ी, जगदीश पुत्र सोहन लाल निवासी पारता, ज्ञान सिंह पुत्र रिशाल सिंह निवासी भरपुर, ओम प्रकाश पुत्र लीलू राम निवासी मेहूवाला, रोशन लाल पुत्र हंसराज निवासी मेहूवाला, जयप्रकाश पुत्र जय सिंह निवासी मेहूवाला, राम नारायण पुत्र हरि सिंह निवासी मेहूवाला, विरेंद्र सिंह पुत्र प्रमाप सिंह निवासी मेहूवाला, सूरजीत पुत्र मोमन राम निवासी भूथन कलां, रणजीत पुत्र रामचंद्र निवासी ढाणी ईश्शर, सुभाष पुत्र राम कुमार निवासी भूथन कलां और जयबीर पुत्र शेर सिंह निवासी ढाणी ईश्शर को नोटिस भेजकर उनकी व्यक्तिगत चल और अचल संपत्ति का ब्योरा उपायुक्त कार्यालय में जमा करवाने को कहा है।