फतेहाबाद। प्रॉपर्टी आईडी स्वयं सत्यापित करने को लेकर शहर के प्रॉपर्टी मालिक गंभीर नहीं है। नगर परिषद के कर्मचारियों ने अब डोर-टू-डोर जाकर प्रॉपर्टी आईडी सत्यापित करवाने का काम शुरू किया है। लेकिन प्रॉपर्टी मालिक परिवार पहचान पत्र से आईडी जोड़कर स्वयं सत्यापित करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं और बहानेबाजी कर रहे हैं। इसको लेकर नगर परिषद की टीम सदस्य भी परेशान हैं। टीम सदस्य जब घरों में पहुंच रहे है तो कोई परिवार पहचान पत्र देने से मना रहा है तो कोई कह रहा है कि पापा के पास है तो कोई ओटीपी बताने को तैयार नहीं है। यहां तक कि कोई गेट खोलने को भी तैयार नहीं है।
नगर निकाय द्वारा गृहकर में छूट देने के बावजूद प्रॉपर्टी मालिक आईडी को परिवार पहचान पत्र से जोड़कर स्वयं सत्यापित नहीं कर रहे हैं। जिले के पांच शहरों में सिर्फ 9 फीसदी प्रॉपर्टी ही स्वयं सत्यापित हुई हैं। लोगों के बहानेबाजी के कारण टीम के सदस्यों को एक प्रॉपर्टी आईडी को सत्यापित करने में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। नगर निकाय ने 29 फरवरी तक 2023-24 के गृहकर बिल में 15 फीसदी की छूट दी है और इसके अलावा पुराना एरियर भी माफ किया है। हालात ये है कि फतेहाबाद शहर में 3507 और टोहाना में सिर्फ 2611 प्रॉपर्टी आईडी ही सत्यापित हुई है। जिले के पांच शहरों में 92755 प्रॉपर्टी आईडी है और इसमें से 8328 प्रॉपर्टी आईडी ही स्वयं सत्यापित हुई हैं।
जिले के पांच शहरों में ये प्रॉपर्टी आईडी हुई है सत्यापित
शहर कुल प्रॉपर्टी स्वयं सत्यापित
फतेहाबाद 30050 3507
रतिया 19059 1040
टोहाना 27605 2611
भूना 11402 421
जाखल 4639 749
ओद्यौगिक, कामर्शियल प्रॉपर्टी आईडी भी होगी सत्यापित
प्रॉपर्टी आईडी को लेकर यूएलबी ने याशी कंपनी से सर्वे करवाया था। सर्वे के बाद आईडी में खामियां मिली थी। इसको लेकर करीब डेढ़ साल तक नगर परिषद ने कैंप लगाकर प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने का अभियान चलाया। यूएलबी अब मालिकों से सत्यापित करवा रहा है कि उनकी प्रॉपर्टी में जा आंकड़ा दिया गया है वह ठीक है। अगर गलत है तो उसे ठीक करवाएं। ओद्यौगिक, कर्मिशियल, रिहायशी और यहां तक कि खाली प्लॉट की प्रॉपर्टी आईडी को भी सत्यापित किया जा रहा है।
कोट
प्रॉपर्टी आईडी स्वयं सत्यापित करवाना जरूरी है। पोर्टल पर सिटीजन खुद भी सत्यापित कर सकता है या फिर नगर परिषद में हेल्प डेस्क पर भी करवा सकता है। लोगों की सुविधा के लिए कर्मचारी डोर-टू-डोर भी जा रहे हैं। ऐसे में लोग इस सुविधा का फायदा उठाएं।
-संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त, फतेहाबाद