रतिया में बस अड्डे के मुख्य गेट को बंद कर रोष व्यक्त करती हुई छात्राएं ।
रतिया। शहर के जाखनदादी रोड पर बने महिला महाविद्यालय में बस स्टैंड से बस नहीं जाने पर बुधवार को छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। रोषस्वरूप महाविद्यालय की छात्राओं ने रतिया बस स्टैंड का गेट बंद करके परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सुबह 9.15 बजे से सुबह 10.30 बजे तक बस स्टैंड का गेट बंद रहा। करीब सवा घंटे तक अन्य सवारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में रोडवेज व पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को समझा-बुझाकर बस स्टैंड के गेट खुलवाए। प्रदर्शन कर रही छात्रा उषा रानी, ज्योति, रिंकू, जसपाल कौर, हिना, जसवीर कौर, प्रियंका सहित अन्य छात्राओं ने बताया कि वह 150 से 200 छात्राएं रोजाना बस स्टैंड से महाविद्यालय जाने के लिए रोडवेज बस में सवार होती हैं। बुधवार सुबह 8 बजे से वे आकर रोडवेज बस में बैठ गई थी। मगर बस चालक 9 बजे तक भी बस को नहीं चला रहे थे।
उन्होंने बस के परिचालक से बात की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और बस से उतरकर कहीं चले गए। इससे छात्राओं में रोष फैल गया और रोषस्वरूप उन्होंने बस स्टैंड के मुख्य गेट बंद कर दिया। इस दौरान बस स्टैंड के अंदर से किसी भी बस को बाहर नहीं जाने दिया गया और बाहर से किसी भी आने वाली बस को बस स्टैंड के अंदर नहीं जाने दिया गया। काफी देर रोष जताने के बाद बस अड्डा प्रभारी शिव दयाल और शहर थाना प्रभारी रणजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को आश्वासन दिया कि वीरवार से किसी भी विद्यार्थी को बस को लेकर समस्या नहीं आएगी। इसके बाद छात्राएं शांत हुई और मुख्य गेट को खोला गया।
सुबह एक बस के पंक्चर होने और मौके पर खड़ी बस के चालक की अचानक तबीयत खराब होने के कारण बस के महाविद्यालय जाने में कुछ देर हो गई थी। इस कारण छात्राओं को कुछ परेशानी हुई। हालांकि इससे पूर्व पर्याप्त बस जाती हैं। इसके बावजूद एक बस का एक राउंड और बढ़ाया गया है।
-शिव दयाल, बस अड्डा प्रभारी, रतिया