एसपी आस्था मोदी ने कहा कि जिले में अधिकांश अपराध की जड़ नशा है। इसलिए नशे के खिलाफ पुलिस ने जागरूकता से लेकर सख्त कार्रवाई तक का अभियान छेड़ा हुआ है। नशे के दलदल में फंसे लोगों को बाहर निकालने में भी पुलिस मदद कर रही है। 30 लोगों का नशा छुड़वाना भी 30 केस हल करने के बराबर हैं। नशा तस्करों के खिलाफ भी पुलिस सख्ती अपनाए हुए हैं।
एसपी आस्था मोदी शुक्रवार को फतेहाबाद प्रेस क्लब की ओर से आयोजित चाय पर चर्चा कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। एसपी ने बताया कि चार नशा तस्करों की प्रॉपर्टी अटैच करने के बारे में ऑर्डर मिल चुके हैं। इन पर जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बार-बार तस्करी में सामने आने वाले 16 लोगों की सूची बनाकर सरकार को भेजी गई है, जिनमें से 13 को स्क्रीनिंग कमेटी मंजूर कर चुकी है। सरकार से मंजूरी मिलने पर ऐसे लोगों को साल भर के लिए डिटेन किया जाएगा, जिससे ये लोग तस्करी से दूर होने के बारे में सोचेंगे। साथ ही नशा तस्करों की प्रॉपर्टी अटैच करने की भी कार्रवाई जारी है।
सट्टेबाज जिला छोड़कर दूसरी जगहों से कर रहे संचालन
एसपी ने कहा कि विश्व कप शुरू होने के साथ ही सट्टेबाज सक्रिय हो जाते हैं। मगर उनके पुलिस का खौफ है। इसलिए अधिकांश सट्टेबाज फतेहाबाद छोड़कर चंडीगढ़ के आसपास के इलाकों से संचालन कर रहे हैं। मगर उन्हें भी पकड़ने के लिए पुलिस अपने स्तर पर निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सट्टेबाजी में संलिप्त मुख्य सरगनाओं को भी पकड़ने में कसर नहीं छोड़ी जाएगी। फतेहाबाद शहर में अनाज मंडी सहित 17 जगह ऐसे प्वाइंट चिह्नित हैं, जहां नशे की बिक्री होती है। यहां पर पुलिस की तैनाती की जाती है।
त्योहारी सीजन में पेट्रोलिंग और तैनाती पर रहेगा जोर
त्योहारी सीजन में सुरक्षा के सवाल पर एसपी आस्था मोदी ने बताया कि पेट्रोलिंग प्लान में बदलाव किए जाएंगे। गश्त बढ़ाई जाएगी। सीलिंग अभियान भी बीच-बीच में चलाया जाएगा। पूरे प्रयास किए जाएंगे कि चोरी व स्नेचिंग की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि हाल ही में पेरोल पर आए चोरी व स्नेचिंग के आरोपियों पर भी निगरानी की जा रही है।
स्थानीय लोग खुलकर पुलिस का सहयोग कर रहे
एसपी ने कहा कि नशा मुक्ति की मुहिम में स्थानीय लोग खुलकर पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। गांवों में नशे के चंगुल में फंसे युवाओं के लिए जब पुलिस खुद नशा मुक्ति शिविर लगाती है, तो ग्रामीण हरसंभव मदद करते हैं। पुलिस ग्रामीणों में विश्वास पैदा करने में सफल हुई है कि नशे के खिलाफ मुहिम में वह ग्रामीणों के हर पल साथ हैं।