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Fatehabad News: सड़कों तक कचरा, दुर्गंध से घुटने लगा दम, सफाईकर्मी अपनी मांगों पर डटे

Sun, 16 Aug 2026 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के हिसार रोड पर लगे के कचरे के ढेर संवाद
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फतेहाबाद। सफाईकर्मियों की हड़ताल ने जिले के पांचों शहरों में हालात बिगाड़ दिए हैं। सफाई न होने से मुख्य बाजारों में गंदगी के ढेर लग गए है। घरों से भी कचरा अब सड़कों पर आने लगा है। फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, भूना और जाखल शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर 1300 टन कचरा जमा हो चुका है।
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कर्मचारियों ने शनिवार को अपनी हड़ताल तीन दिन और बढ़ा दी है। अगर समाधान नहीं हुआ तो लोगों को मंगलवार तक अभी परेशानी झेलनी पड़ेगी। वहीं सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल रविवार को 11वें दिन में प्रवेश कर गई। सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रहने के कारण शहरवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो गए हैं।
शहर के हर चौक-चौराहों, मुख्य बाजारों और गली-मोहल्लों के नुक्कड़ों पर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग चुके हैं। बाजारों में गंदगी के चलते दुकानदारों का कामकाज ठप होकर रह गया है और सड़कों पर लोगों की आवागमन कम हुआ है। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने भूना रोड पर दो बार उठान का प्रयास किया था लेकिन सफल नहीं हो पाए थे।
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घर-घर कचरा उठान भी है बंद
नगर परिषद कर्मचारियों के विरोध के चलते घर-घर कचरा उठान भी शुरू नहीं हो पा रहा है। 11 दिन से शहर के मुख्य बाजार और घरों में कचरे का उठान नहीं हुआ है। इधर कचरा उठान एजेंसियां भी संकट में है। नगर परिषद प्रशासन एजेंसियों को नोटिस जारी कर रहा है और अब जुर्माना का भी डर है।
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शहर के आधे हिस्से में दो माह से सफाई बंद
शहर के आधे हिस्से में करीब दो माह से सफाई बंद है। ठेका खत्म होने के चलते सफाई कार्य बंद था। प्रशासन ने हाल ही में एजेंसी को अस्थाई रूप से सफाई का काम दिया था लेकिन अब हड़ताल होने के चलते एजेंसी का सफाई कार्य भी बंद है।
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कर्मचारियों ने गोष्ठी में रखे विचार
स्वतंत्रता दिवस पर सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान बेगराज एवं ब्लॉक सचिव ओम प्रकाश लोट ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता इकाई प्रधान नरेश राणा व अग्निशमन इकाई प्रधान विनोद खिचड़ ने संयुक्त रूप से की जबकि मंच संचालन ओम प्रकाश लोट व सतवीर सारण ने किया। वक्ताओं ने कहा कि आज 80 साल बाद भी स्वदेशी सरकारें सफाईकर्मियों से गुलामों जैसा बर्ताव कर रही हैं।
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