फतेहाबाद। जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-9 के किनारे प्लास्टिक और रबर का कचरा जलाए जाने से पर्यावरण प्रदूषण गंभीर रूप लेता जा रहा है। जलते कचरे से उठता काला और जहरीला धुआं राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास रहने वाले लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल रहा है।
जलते कचरे के कारण कई बार हाईवे पर धुएं की मोटी परत छा जाती है। इससे दृश्यता कम हो जाती है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बीच इस तरह की लापरवाही प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कचरा प्रबंधन व्यवस्था सख्त की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो, ताकि पर्यावरण और लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
लोगों के अनुसार हाईवे के पास स्थित ऑटो मार्केट से निकलने वाला बेकार रबर, टायरों के टुकड़े और लुबरीकेंट से सनी प्लास्टिक सामग्री खुले में फेंकी जा रही है। इसी तरह आसपास के होटल और मैरिज पैलेस संचालक भी गीला और सूखा कचरा सड़क किनारे डाल रहे हैं। कचरे को डंपिंग स्थल तक पहुंचाने के बजाय खुले में आग लगा दी जाती है, जिससे प्रदूषण और बढ़ जाता है।
वहीं इस बारे में जब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ रमित शर्मा से बात की गई तो उन्होंने व्यस्त होने का बोल कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में बाद में बात करेंगे।
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प्रदूषण बोर्ड की चुप्पी
शहर के मुख्य मार्ग पर दिन में काला धुआं उठता रहता है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। शहर वासी सुनील कुमार, दीपू, विनोद, रामलाल आदि का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई या चालान नहीं किया जा रहा है। इसके कारण हाईवे पर प्रदूषण फैलाया जा रहा है।
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खतरनाक है प्लास्टिक का धुआं
टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा ने बताया कि प्लास्टिक और रबर के जलने से निकलने वाली डाईऑक्सिन और फ्यूरान जैसी गैसें बेहद खतरनाक होती हैं। दमा और सांस के रोगियों के लिए यह हवा जानलेवा हो रही है। हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को आंखों में तेज जलन और सिरदर्द की शिकायत हो रही है। प्लास्टिक जलने की तीखी बदबू कई किलोमीटर तक फैल जाती है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में सांस लेने में परेशानी होती है।
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प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
योग नगर निवासी सोनू कुमार, राम सिंह का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र के आसपास भी कचरा जलाया जाता है। ज्यादातर यह शाम के समय जलाया जाता है। इस कारण कई बार हवा इतनी दूषित हो जाती है कि सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को सख्त कदम उठाते हुए कूड़ा जलाने वालों पर जुर्माना लगाना चाहिए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
शहर के भूना पूल के पास राष्ट्रीय रामार्ग संख्यां 9 के किनारे जलता रबड़ व प्लास्टिक का कूड़ा। स