फतेहाबाद। लोग सरकारी सुविधाओं फायदा लेने के लिए फर्जीवाड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। नागरिक संसाधन सूचना विभाग ने जिले में बनाए गए एकल नागरिक परिवार पहचान पत्रों का भौतिक सत्यापन में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं।
विभाग की टीमों ने पाया कि कई लोगों ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए नियमों के विरुद्ध अलग एकल आईडी बनवा रखी है जबकि वे वास्तव में अपने रिश्तेदारों या परिचितों के साथ रह रहे हैं। जिसे विभाग फर्जीवाड़े की श्रेणी में मान रहा है।
जिले में कुल 4170 एकल परिवार पहचान पत्रों का सत्यापन किया जाना है। अब तक 400 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है जिनमें से 391 आईडी फर्जी या नियमों के खिलाफ पाई गईं। केवल 9 परिवार पहचान पत्र ही निर्धारित मानकों पर सही मिले हैं। आंकड़ों के अनुसार जिले में 18 वर्ष से कम आयु के 25 एकल परिवार पहचान पत्र बनाए गए हैं। वहीं 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के 150, 30 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 1170 तथा 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 2850 परिवार पहचान पत्र दर्ज हैं।
विभागीय कर्मचारियों की टीमें घर-घर जाकर सत्यापन कर रही हैं। जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति के नाम पर अलग बिजली का मीटर है या नहीं, वह वास्तव में अकेला रहता है या नहीं तथा अलग रहने का कारण क्या है। सत्यापन का उद्देश्य बीपीएल राशन कार्ड और अन्य भत्तों में हो रहे दुरुपयोग को रोकना है।
बिहार और उत्तर प्रदेश के 35 नागरिकों ने भी बनवाए गलत तरीके से परिवार पहचान पत्र
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बिहार और उत्तर प्रदेश के 35 नागरिकों ने भी गलत तरीके से एकल परिवार पहचान पत्र बनवा रखे थे। विभाग अब ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। साथ ही अपात्र लोगों के नाम हटाकर वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
:: जिले में एकल परिवार पहचान पत्रों के भौतिक सत्यापन का काम शुरू है। जो भी आईडी गलत पाई जाएगी, उसे तुरंत मुख्य परिवार के साथ जोड़ा जाएगा ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों को ही मिले और फर्जीवाड़े पर रोक लग सके।
-संदीप कुमार, क्रीड विभाग, फतेहाबाद।