फतेहाबाद लघु सचिवालय के सामने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रीयों का पुतला फुंकते किसान व आशा वर
फतेहाबाद। जिला मुख्यालय स्थित लघु सचिवालय का गेट पिछले चार दिनों से धरनास्थल बना हुआ है। पहले किसान साइड में बैठकर रोष जताते रहे, लेकिन मंगलवार को गेट पर ही ट्रैक्टर-ट्राॅली लगाकर रोष जताया गया। सोमवार को हिरासत में लेकर नजरबंद किए गए पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के राज्य प्रधान मनदीप नथवान सहित चार किसान नेताओं को मंगलवार दोपहर को पुलिस ने रिहा कर दिया। किसानों के दल मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाना था। मगर इससे पहले ही सोमवार को पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। वहीं, दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने मंगलवार को सरकार का पुतला फूंककर रोष व्यक्त किया।फतेहाबाद में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने लघु सचिवालय के गेट पर 18 अगस्त से बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने व बीमा क्लेम के लिए पक्का मोर्चा लगाया हुआ है। इस संगठन ने लघु सचिवालय का एक गेट भी बंद किया हुआ है। सोमवार को इस संगठन के प्रदेश संयोजक मनदीप नथवान, रतिया ब्लॉक प्रधान गुरप्यार सिंह, राज्य कमेटी सदस्य सुखवीर और जगसीर सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसकी सूचना मिलते ही सोमवार को फतेहाबाद और सिरसा के काफी किसान धरनास्थल पहुंच गए और करीब आधे घंटे तक लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद किए रहे। बाद में पुलिस ने आश्वासन दिया कि मनदीप नथवान व अन्य किसानों को मंगलवार सुबह 10 बजे तक रिहा कर दिया जाएगा। मंगलवार को मनदीप नथवान व अन्य किसानों को पुलिस ने 11 बजे रिहा कर दिया और वह धरने पर पहुंच गए। इस दौरान मंगलवार को भी काफी संख्या में किसानों की मौजूदगी धरनास्थल पर रही।
जेल जाना पड़ा तो भी पीछे नहीं हटेंगे : नथवान
पुलिस हिरासत से लौटकर आए मनदीप नथवान ने बताया कि अगर किसानों के हकों के लिए उन्हें या उनके साथियों को अगर सौ बार भी जेल जाना पड़ा तो भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रशासन हिरासत में लेकर और गिरफ्तार करके हमें डराना चाहती है, लेकिन हम किसानों के बेटे सरकार की तानाशाही से डरने वाले नहीं हैं। जब तक किसानों को मुआवजा व बीमा क्लेम नहीं मिल जाता, तब तक लघु सचिवालय के गेट पर ही धरना लगा रहेगा।
उधर, संयुक्त किसान मोर्चा ने भी फूंका सरकार का पुतला
लघु सचिवालय के बाहर पार्क में दूसरी ओर 16 अगस्त से पक्का मोर्चा लगाए बैठे दूसरे किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से भी मंगलवार को जीटी रोड पर सरकार का पुतला फूंका। संयुक्त किसान मोर्चा का संयोजक जगतार सिंह ने बताया कि बाढ़ के मुआवजे को लेकर हरियाणा और पंजाब के किसान सरकार के साथ लड़ रहे हैं, यहां हरियाणा और पंजाब की सरकार में कोई फर्क नहीं दिखता। हरियाणा की सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही है और पंजाब में वहां की सरकार किसानों की नहीं सुन रही है। पंजाब में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की वह कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने मांग की कि पंजाब में जो किसान शहीद हुआ है, उसके परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
कोट
हिरासत में लिए गए किसानों नेताओं को मंगलवार को रिहा कर दिया गया था। स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही है।
-जगदीश काजला, डीएसपी, फतेहाबाद