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एक ही स्थान पर चार बैंक, पार्किंग की व्यवस्था किसी के पास भी नहीं

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बैंक के आगे रोड पर खड़े वाहन। - फोटो : Fatehabad
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शहर में बैंकों के सामने पार्किंग की समस्या बढ़ती जा रही है। शहर के बीच से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर एक साथ चार बैंक हैं। यहां पर सुबह से शाम तक रोजाना सैकड़ों की संख्या में ग्राहकों को आना जाना लगा रहता है। हर ग्राहक वाहन लेकर आता है, लेकिन पार्किंग के लिए जगह ही नहीं है। इसके चलते मुख्य मार्ग पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। यह साधारण मार्ग नहीं, बल्कि सिरसा से हिसार जाने वाले तमाम छोटे वाहन इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। इस समस्या को देखते हुए बैंक स्क्वायर की जरूरत महसूस हो रही है, लेकिन बैंक स्क्वायर घोषणा के बावजूद बनता नजर नहीं आता।
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15 कनाल में बनाया जाना था बैंक स्क्वायर
शहर के मुख्य मार्ग पर पुराने बस स्टैंड के नजदीक पुराना एसडीएम आवास है। यहां पीडब्ल्यूडी की 15 कनाल 7 मरले जमीन है। प्रशासन ने योजना बनाई थी कि यहां बैंक स्क्वायर बनाया जाए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणाओं में भी यह प्रोजेक्ट शामिल हो गया था। मगर बाद में जगह की कीमत को लेकर दो विभागों में सहमति नहीं बनी। इस जगह का कलेक्टर रेट लगभग 80 हजार रुपये प्रति गज था। इसलिए लोक निर्माण विभाग ने 60 करोड़ रुपये मांगे। नगर परिषद के पास इतना बजट नहीं था। इसलिए प्रोजेक्ट की फाइल बंद कर दी और नगर परिषद के तत्कालीन ईओ ने लिख दिया कि इस जगह पर बैंक स्क्वायर नहीं बन सकता।
एक्सिस बैंक जैसी हो व्यवस्था
पार्किंग की सुविधा शहर में एक्सिस बैंक से बेहतर कहीं नहीं है। यह बैंक लघु सचिवालय के नजदीक है और रोड से हटकर है। बैंक के आगे पार्किंग की व्यवस्था है। यहां पर एक समय में लगभग 70 से 80 वाहन खड़े हो सकते हैं।
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इसलिए आ रही ज्यादा समस्या
शहर में मुख्य मार्ग पर एक तरफ एचडीएफसी, पंजाब एंड सिंध बैंक तथा पंजाब नेशनल बैंक है। वहीं दूसरी तरफ महिंद्रा कोटक बैंक है, सभी के अपने अपने एटीएम भी हैं। इस कारण भीड़ ज्यादा हो जाती है। वहीं यहां पर मिठाई आदि की दुकानें भी हैं। उनके आगे ग्राहकों के वाहन आकर रुकते हैं। इस तरह एक समय में यहां करीब 150 से 200 वाहन एकत्र हो जाते हैं। जगह कम पड़ जाती है। इसलिए वाहनों को लोग सड़क पर खड़ा करके चले जाते हैं।
कोट
वाहनों की पार्किंग के लिए थाना रोड पर इमारत बनी हुई है, वहां वाहन खड़ा कर सकते हैं। इसके अलावा लोग वाहनों को व्यवस्थित ढंग से पार्क करें तो भी समस्या कम हो सकती है। पार्षदों से चर्चा कर समस्या का निवारण करवाया जाएगा।
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- अरविंद बाल्यान, ईओ, नगर परिषद।
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