फतेहाबाद/रतिया। पंचायत समिति रतिया के चेयरमैन केवल मेहता को कुर्सी से हटाने के लिए पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल खुलकर मैदान में आ गई हैं। वीरवार को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त के अवकाश पर चले जाने के बाद दुग्गल ने चेयरमैन विरोधी सभी सदस्यों को तुरंत चंडीगढ़ बुलवा लिया और रात में ही उनकी मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ बैठक करवा दी।
इस बैठक में पंचायत समिति सदस्यों ने सारी व्यथा सुनाते हुए बताया कि रतिया पंचायत समिति के कुल 22 सदस्य हैं, इनमें से एक का निधन हो चुका है। शेष बचे 21 सदस्यों में से 17 चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ हैं, लेकिन फिर भी उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वो भी तब, जब वो विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी से गद्दारी करके कांग्रेस के साथ चले गए थे।
सूत्रों के अनुसार इसके बाद सीएम ने जिले के प्रशासनिक अमले से बातचीत कर और जल्द से जल्द बैठक बुलाने के निर्देश दिए गए। इस पर सीएम को बताया गया कि प्रशासन ने 23 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव पर मीटिंग रख दी है। ताजा हालातों से ये माना जा रहा है कि अब केवल मेहता के लिए चेयरमैन की कुर्सी बचाना मुश्किल नजर आ रहा है।
19 को बुलाई बैठक हो गई थी स्थगित
रतिया पंचायत समिति के सदस्यों की मांग पर चेयरमैन केवल मेहता के खिलाफ 19 फरवरी को मीटिंग बुलाई गई थी। मगर एडीसी अनुराग ढालिया की तबीयत खराब होने का हवाला देकर मीटिंग को स्थगित कर दिया गया। इस पर विरोधी सदस्यों सिमरनजीत कौर, पालो कोर, अशोक कुमार, सुनील कुमार, जसबीर कौर आदि ने रोष जताया था। सदस्य उपायुक्त कार्यालय भी पहुंच गए थे लेकिन वे भी चंडीगढ़ गए हुए थे। इसके बाद जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अनूप सिंह मौके पर पहुंचे और प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए 23 फरवरी की बैठक रख दी।
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विस चुनाव में दुग्गल का साथ छोड़कर कांग्रेस में चले गए थे चेयरमैन
पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने रतिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। ग्रामीण मंडल अध्यक्ष और पंचायत समिति चेयरमैन होने के नाते केवल मेहता से उनकी बहुत उम्मीदें थी, लेकिन मदद करने के बजाय केवल मेहता ने उनको हरवाने के लिए खुद भी बीजेपी छोड़ दी और कांग्रेस उम्मीदवार जरनैल सिंह को खुलकर समर्थन किया। सुनीता दुग्गल चुनाव हार हुई। इसके बाद से सुनीता दुग्गल केवल मेहता को चेयरमैन के पद से हटवाना चाह रही थीं।