पूर्व विधायक दुड़ाराम ने कहा कि पांच साल बाद क्या होगा, किसकी सरकार बनेगी, किसको पता है। आज सरकार बनी हुई थी। जैसा भी था, पहले भी समाज के लिए हमेशा तैयार रहा, चाहे एमएलए था या नहीं। सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं मिला है, बाकी विधायक से कम मत समझना।
फतेहाबाद में पूर्व मुख्यमंत्री स्व.भजनलाल के भतीजे और फतेहाबाद से भाजपा के पूर्व विधायक दुड़ाराम का अपने ही बिश्नोई समाज के सामने हार का दर्द झलक उठा। अपने समाज के लोगों के सामने दर्द बयां करते हुए दुड़ाराम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, दुड़ाराम फतेहाबाद के बिश्नोई मंदिर में एक दिन पहले प्रतिभा सम्मान समारोह में पहुंचे हुए थे।
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इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में पहले तो समाज के लोगों को गुरु जंभेश्वर भगवान के दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इसके बाद हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मात्र 2252 वोटों से हुई हार का दर्द बयां करते हुए समाज के लोगों को उलाहना भी दिया। दुड़ाराम ने कहा कि चुनाव में हार-जीत होती रहती है। मगर इसमें कोई शक नहीं है कि समाज की ताकत मिलती तो सरकार में हमारी हिस्सेदारी होती।
आदमपुर व फतेहाबाद में समाज का सहयोग रहा, लेकिन समय होता है। सरकार बननी ही थी। आज हम एमएलए नहीं है, तब भी सरकार बन गई है। अगर हम सरकार में हिस्सेदार होते तो समाज की वकालत करते। अगर दो एमएलए और जाते तो इलाका व समाज मजबूत होता। हो सकता है कि दुड़ाराम को हरा दिया होगा, लेकिन समाज व इलाके को थोड़ा गहराई से सोचना होगा कि क्या फायदा या क्या नुकसान हुआ। राजनीति में समाज नहीं है तो कौन सुनेगा हमारी। कोई सिपाही भी सुनेगा क्या हमारी।
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सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं मिला है, बाकी विधायक से कम नहीं, ऊपर ही हैं
दुड़ाराम ने कहा कि पांच साल बाद क्या होगा, किसकी सरकार बनेगी, किसको पता है। आज सरकार बनी हुई थी। जैसा भी था, पहले भी समाज के लिए हमेशा तैयार रहा, चाहे एमएलए था या नहीं। सिर्फ सर्टिफिकेट नहीं मिला है, बाकी विधायक से कम मत समझना। ऊपर ही रहेंगे। कहा गया कि दुड़ाराम ने खाले नहीं बनवाए। एक-दो प्रतिशत सोचना था कि अब खाला बन जाएगा क्या। अब चालान कटना बंद हो जाएगा क्या। चौधरी भजनलाल, कुलदीप बिश्नोई या दुड़ाराम ने ही समाज के काम किए हैं। मैंने कभी समाज के लोगों के इज्जत व मान में कमी नहीं आने दी।
गौरतलब है कि फतेहाबाद सीट से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े दुड़ाराम कांग्रेस प्रत्याशी बलवान सिंह से 2252 वोटों से हार गए थे। दुड़ाराम को बिश्नोई बेल्ट के गांवों से पिछली बार की अपेक्षा इस बार कम लीड मिली थी। यही कम लीड उनकी हार के प्रमुख कारणों में से एक रही। दुड़ाराम को 83920 जबकि बलवान सिंह को 86172 वोट मिले थे।