फतेहाबाद। टोहाना के गुगामेड़ी पटवारी वाली गली में 17 जून 2020 को दिव्यांग दीपक की हत्या करने के बाद हत्यारे भाई अशोक को कोई गम नहीं था। अशोक ने मात्र 150 गज मकान के लिए अपने भाई की गर्दन को कापे से अलग कर दिया था और इसके बाद उसका सिर साथ लेकर घूमता रहा और फिर नहर में फेंक दिया था।
यही नहीं अशोक ने अपने सात से आठ जानकारों को फोन किया और कहा कि कर दिया फतेह मोर्चा। मामले में अशोक के मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस के लिए अहम साक्ष्य बनी। इस मामले में दो से तीन गवाह एक बार मुकर गए थे। लेकिन कॉल रिकॉर्डिंग होने के चलते उन्हें कबूल करना पड़ा कि इस संबंध में बातचीत हुई थी।
-48वीं सुनवाई में कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
अशोक के खिलाफ उसकी बहन सुषमा ने पुलिस में शिकायत दी थी। मामले में पुलिस ने आरोपी अशोक को अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था लेकिन सिर बरामद नहीं हो पाया था। मामले में करीब साढ़े चार साल तक कोर्ट में सुनवाई चली। कोर्ट ने दोनों पक्ष जानने और बहस के बाद 47वीं सुनवाई में आरोपी को दोषी करार दिया था और 48वीं सुनवाई में फांसी की सजा सुनाई।
- हत्या करते समय हुई थी हाथापाई, अशोक को भी लगी थी चोट
पुलिस जांच और कबूलनामा में सामने आया कि अशोक ने अपने छोटे दिव्यांग भाई दीपक की हत्या करने के लिए तेजधार कापे से कई वार किए थे। इस दौरान दीपक ने अपने बचाव में काफी संघर्ष किया। हमले के दौरान कापे से दोषी अशोक के दोनों हाथों की उंगलियों पर भी चोटें आई थी।
- नहानघर में टूंटी पर टांग दिया था सिर
कबूलनामा में दोषी अशोक ने ये भी बताया था कि उसने हत्या करने के बाद भाई दीपक के सिर को लाल रंग के थैले में डालकर नहानघर (बाथरूम) में लगी टूंटी के नीचे टांग दिया था और पानी चला दिया था ताकि खून साफ हो जाए। इसके बाद वह कई देर तक मृतक दीपक के घर बैठा रहा था और अगले दिन सुबह 5 बजे सिर को बाइक पर लेकर बलियाला हेड की तरफ चला गया था।
- सात दिन तक तलाश करने पर भी नहीं मिला था सिर और कापा
पुलिस ने आरोपी अशोक को गिरफ्तार करने के बाद तीन दिन के रिमांड पर लिया था। इसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से भाखड़ा नहर फतेहाबाद ब्रांच हिसार रोड टोहाना में तलाश करवाया। लेकिन 20 जून को मौसम खराब होने के कारण अभियान ज्यादा समय नहीं चल पाया। 21 से 23 जून 2020 को फिर तलाशी अभियान चलाया गया लेकिन नहर 20 फुट गहरी और बहाव तेज होने के कारण सिर व हत्या में इस्तेमाल कापा बरामद नहीं हो पाया था। पुलिस ने इसके बाद 26 जून तक ब्रांच नहरों में भी तलाशी अभियान चलाया परंतु सिर और कापा नहीं मिला।
पहले भी हो चुकी है फांसी की सजा
फतेहाबाद की जिला कोर्ट में फांसी की सजा का यह दूसरा मामला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दंपती की हत्या के दोषी नौकर को फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने दोषी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।
-फांसी की सजा के खिलाफ जाएंगे हाईकोर्ट
दोषी अशोक के वकील कुलवंत जांगड़ा ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। इस फैसले के खिलाफ वे हाईकोर्ट में अपील करेंगे। वीरवार को सजा सुनाए के दौरान उन्होंने कोर्ट से अशोक की तरफ से पेश होकर कम से कम सजा देने की अपील की। लेकिन कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।