फतेहाबाद। भूना के गांव सिंथला में इन्फ्लूएंजा का केस मिलने के बाद भी रविवार को फतेहाबाद स्थित जिला नागरिक अस्पताल में फ्लू ओपीडी शुरू नहीं हुई। न ही नागरिक अस्पताल में इस संक्रमण से संबंधित कोई सैंपल लिए गए। वहीं, भूना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने रविवार को इन्फ्लूएंजा संक्रमित युवक के परिवार के सदस्यों व आसपास के 10 घरों का सर्वे किया, लेकिन यहां पर किसी में भी कोई लक्षण नहीं मिले। इसके चलते किसी का भी सैंपल नहीं लिया गया। उधर, सीएमओ डॉ. सपना गहलावत ने इन्फ्लूएंजा को लेकर सोमवार को चिकित्सकों की बैठक भी बुलाई है।
प्रदेश में बढ़ रहे इन्फ्लूएंजा के केस को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आदेशों के बावजूद रविवार को भी फतेहाबाद में फ्लू क्लीनिक नहीं खोला गया। रविवार को नागरिक अस्पताल में किसी भी मरीज की ओपीडी नहीं हुई। केवल आपातकालीन सेवाएं ही चलती रहीं। वहीं इस संक्रमण से संंबंधित किसी भी प्रकार की सैंपलिंग की व्यवस्था भी नागरिक अस्पताल में आरंभ नहीं की गई है और फ्लू क्लीनिक भी खाली नजर आया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन दिनों नागरिक अस्पताल में अपना इलाज करवाने आ रहे मरीजों में 30 फीसदी मरीज खांसी व जुकाम के आ रहे हैं। विभाग के अनुसार बदलते मौसम के कारण अक्सर लोग खांसी व जुकाम के शिकार हो जाते हैं।
इन्फ्लूएंजा संक्रमित युवक की निगरानी रख रहा स्वास्थ्य विभाग
गांव सिंथला में 30 वर्षीय युवक इन्फ्लूएंजा संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग उस पर निगरानी रख रहा है। युवक की हालत ठीक हैं। इसलिए उसे होम आइसोलेट करके उसे परिवार से अलग रखा गया है। रविवार को भूना सीएचसी की टीम ने पहले युवक के परिजनों का स्वास्थ्य जांचा। इसके बाद आसपास के दस घरों में भी सर्वे किया। मगर किसी में भी इन्फ्लूएंजा से संबंधित कोई लक्षण न मिलने के कारण बिना सैंपलिंग ही टीम लौट आई।
क्या हैं वायरस के लक्षण
-तीन सप्ताह तक खांसी रहना
-लगातार जुकाम रहना
-गले में दर्द
-बुखार होना
-शरीर में दर्द होना
-सांस फूलना
-उल्टी व दस्त लगना
गांव सिंथला में दस घरों व युवक के परिजनों का सर्वे करवाया है। किसी में भी कोई लक्षण नहीं मिला। इसलिए सैंपलिंग नहीं हुई। सोमवार को सुबह 10 बजे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व चिकित्सकों की बैठक बुलाई है। इस संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए बैठक में रूपरेखा तैयार की जाएगी।
डॉ. सपना गहलावत, सीएमओ, फतेहाबाद