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Fatehabad Flood: हाईवे किनारे दो फुट तक कम हुआ बाढ़ का पानी, आर्मी लौटी, शहर में आज से खुलेंगे स्कूल

Tue, 25 Jul 2023 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

हाईवे किनारे दो से ढाई फुट तक पानी का स्तर कम हो गया है। वहीं शिक्षा विभाग ने शहर फतेहाबाद के सरकारी और निजी स्कूलों को बुधवार से खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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फतेहाबाद का सिरसा-हिसार हाईवे जहां सड़क पर कम हुआ बाढ़ का पानी। 
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विस्तार
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हरियाणा के फतेहाबाद में बाढ़ को लेकर राहत भरी खबर है। दो से तीन दिन में सड़कों से पानी पूरी तरह से उतरने का अनुमान है। इसके अलावा हाईवे से भी पानी दो दिन में उतर सकता है। फिलहाल हाईवे किनारे दो से ढाई फुट तक पानी का स्तर कम हो गया है। शिक्षा विभाग ने शहर फतेहाबाद के सरकारी और निजी स्कूलों को बुधवार से खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं।

 

बाढ़ की चपेट में आए आलिव स्कूल, स्कॉलर कॉवेंट स्कूल और आर्यन स्कूल फिलहाल नहीं खुलेंगे। बाढ़ के पानी से आलिव और आर्यन स्कूल को ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं रतिया और सरदूलगढ़ मार्ग पर बसों का आवागमन बंद है।

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हाईवे किनारे बाढ़ का पानी कम होने के चलते हांसपुर रोड से लेकर भूना रोड ओवर ब्रिज तक बांध को ऊंचा उठाने का काम रोक दिया गया है। ये ही नहीं बाढ़ को लेकर बचाव के लिए आई सेना की चार कंपनियां भी मंगलवार को लौट गई है। फिलहाल बचाव कार्य को लेकर एनडीआरएफ की दो कंपनियां तैनात हैं।

 

बता दें कि हांसपुर चौक से लेकर भूना रोड ओवर ब्रिज तक बाढ़ देखने के लिए एक सप्ताह से लोगों को जमावड़ा लग रहा था। अब लोग भी यहां पर आने कम हो गए है। इसके अलावा बाढ़ के पानी को हाईवे से शहर की आबादी में आने से रोकने के लिए व्यवस्था में जुटे अधिकारी भी अब वापस कार्यालय में आने लगे हैं।

 

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बाढ़ के पानी से सड़कों के हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। जेई अपने क्षेत्र में सर्वे करके आंकलन रिपोर्ट तैयार करेंगे। फिलहाल जेई को भी रिपोर्ट तैयार करने में दिक्कत आ रही है। सड़कों पर पानी भरा है। इसके अलावा गांवों के कई मुख्य मार्ग अभी पूरी तरह से बंद हैं।

रोडवेज को रोजाना चार लाख का नुकसान
बाढ़ से रोडवेज को भी नुकसान हुआ है। रतिया रूट की बसें 10 दिन से बंद है। लोगों को निजी वाहनों में 50 किलोमीटर गांवों में घूमकर रतिया जाना पड़ रहा है। इसके अलावा फतेहाबाद से सरदूलगढ़ पंजाब मार्ग बंद है। रोडवेज के महाप्रबंधक शेर सिंह का कहना है कि रोजाना चार लाख का नुकसान हो रहा है। रोडवेज को पहले 15 लाख रुपये रोजाना आय थी जो कि अब 10 से 11 लाख तक आ गई है। रोडवेज बसें जो कि अन्य रूट पर चल रही हैं उनमें भी सवारियां कम हैं।

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जमींदार ने दिखाई दरियादिली, 10 लाख ठेका छोड़ा
गांव मताना निवासी जमींदार सतबीर सिंह ने दरियादिली दिखाते हुए ठेके पर दी हुई जमीन की 10 लाख रुपये की राशि छोड़ दी है। जमींदार सतबीर ने गांव पालसर में किसान को काश्त करने के लिए ठेके पर जमीन दी थी। 15 एकड़ जमीन का 10 लाख रुपये से ज्यादा का ठेका राशि थी। गांव मताना निवासी सतबीर सिंह ने बताया कि उसने 15 एकड़ जमीन 70 रुपये के हिसाब से किसान जगसीर सिंह को गांव पालसर में ठेके पर दी हुई है। जिसमें से उसके पास आधा ठेका राशि आ चुकी है। किसान ने उसमें धान लगा दिया था। लेकिन गांव पालसर में बाढ़ आने के चलते धान की फसल खराब हो गई। उसके पास ठेेके की आधी राशि आ चुकी है। सतबीर सिंह ने बताया कि अगर धान लगाने लायक जमीन हो जाती है तो किसान धान लगा लेगा और वह आधा ठेका रख लेगा नहीं तो उससे ली गई ठेके की आधी राशि वापस कर देगा। यदि गेहूं की फसल भी नहीं होती है तो वह आधा ठेका भी माफ कर देगा।

फतेहाबाद में छाए रहे बादल, दरियापुर के पास हुई बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 से 27 जुलाई तक बारिश की संभावना के बीच मंगलवार को फतेहाबाद में आसमान में बादल छाए रहे। आसमान में बादल देखकर फतेहाबाद वासियों में एक बार फिर फिर भय व आशंका के बादल छाए रहे। वहीं फतेहाबाद के गांव दरियापुर के पास सुबह बारिश हुई है। हालांकि बारिश मात्र 10 मिनट तक ही हुई। फतेहाबाद में छिटपुट बारिश हुई, लेकिन दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। संवाद

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