फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र संवाद
फतेहाबाद। सिरिंज के जरिये हेरोइन और मेडिकल नशा लेने वाले मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग अब सीएचसी स्तर पर उपचार शुरू करने जा रहा है। मरीजों को उपचार के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेगे। विभाग जिले में पांच सेटेलाइट ओएसट केंद्र शुरू करने जा रहा है। इसमें नागरिक अस्पताल टोहाना, उप नागरिक अस्पताल रतिया, सीएचसी भूना, जाखल और भट्टूकलां शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने इस बारे में प्रस्ताव मांगे थे। इस पर सिविल सर्जन कार्यालय ने प्रस्ताव भेजे हैं। ओएसटी यानि ओपिओइड सब्स्टीटयूशन थरेपी सेंटर खुलने से मरीजों को दवाई के लिए जिला मुख्यालय के ओएसटी में आने की जरूरत नहीं होगी। अपने नजदीकी केंद्र से ही मरीज दवाई ले पाएगी। यहां पर मरीजों को जीभ के नीचे रखने की दवाई दी जाती है। ये दवा चिकित्सक और काउंसलर की निगरानी में दी जाती है। फिलहाल स्थिति ये है कि मरीजों को रोजाना दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल में बने केंद्र में आना पड़ता है ऐसे में ड्रापआउट बढ़ रहा है।
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26 से 35 साल के युवा सबसे ज्यादा कर रहे नशा
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में नागरिक अस्पताल में बने ओएसटी केंद्र में 582 मरीज पंजीकृत हैं। ये ऐसे मरीज हैं जो कि सिरिंज के जरिये हेरोइन और मेडिकल नशा ले रहे हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 111 मरीज एचआईवी संक्रमित मिले हैं। 287 मरीजों में काला पीलिया बीमारी मिली है। एक ही सिरिंज के इस्तेमाल से यह रोग बढ़ा है। उम्र की अगर बात की जाए तो 18 से 25 साल के 214 और 26 से 35 साल के 292 मरीज सिरिंज के जरिये हेरोइन नशा लेते मिले हैं। हैरानी वाली बात यह है अब महिलाएं भी नशा कर रही हैं। वे भी सिरिंज से नशा ले रही हैं। 6 महिलाएं ओएसटी में उपचार के लिए पंजीकृत हैं।
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नशा मुक्ति केंद्र फतेहाबाद में दाखिल मरीजों की स्थिति
वर्ष ओपीडी दाखिल मरीज
2018 2315 2157
2019 7104 456
2020 4105 161
2021 1622 106
2022 2768 419
2023 2452 251
2024 2231 244
2025 3274 228
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जिला मुख्यालय में ओएसटी संचालित है। अब दूसरे शहरों और कस्बे में खोलने की तैयारी है। यहां पर मरीज को दवा मिल सकेगी। उपचार के लिए उनको जिला मुख्यालय में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन