रतिया। गांव सरदारेवाला में हुए हादसे को लेकर ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए भाखड़ा पुल पर सुरक्षा दीवार न होना हादसे की वजह बताया था। ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया था कि प्रशासन की लापरवाही के चलते ही इतना बड़ा हादसा हुआ है।
रविवार को ग्रामीणों के आरोपों और घटनास्थल के हालातों को देखने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और क्षेत्र के आसपास के तीन गांव के मनरेगा मजदूरों को लगाकर भाखड़ा नहर के चारों तरफ सुरक्षा दीवार बनाने शुरू कर दी।
सुरक्षा दीवार बनाने को लेकर प्रशासन ने लोहे के जाल तैयार कर भाखड़ा नहर चारों तरफ लगाकर उनमें मिट्टी के भर कर कट्टे डाल दिए। रविवार को दिन भर मजदूरों ने कट्टों में मिट्टी भरकर उन्हें लोहे के जाल में डाला। मौके पर मौजूद अधिकारी ने बताया कि भाखड़ा पुल के चारों तरफ 4 फीट ऊंचे और 40 फुट की लंबाई तक सुरक्षा दीवार बनाई गई है। अधिकारियों ने बनाई गई सुरक्षा दीवार पर संतुष्टि जताई है।
गांव सरदारेवाला के ग्रामीण पप्पू कटारिया, पंकज,पप्पू ओढ, रवि, गुरदास सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन सुरक्षा दीवार के नाम पर मात्र लीपा पोती कर रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को सीमेंट की पक्की दीवार बनानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न घटित हो सके।
ग्रामीणों ने लगाए थे आरोप :
गांव के सरपंच सिक्का सिंह, पप्पू कटारिया, गुरदास सिंह, काका सिंह व अन्य ग्रामीणों ने शनिवार को प्रशासन के सामने ही प्रशासन अधिकारियों को कोसते हुए इसे प्रशासन की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा था कि उन्होंने इससे पहले भी कई बार भाखड़ा पुल पर सुरक्षा द्वारा होने के चलते हुए हादसों की जानकारी देकर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन में ग्रामीणों की इस मांग की और ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन समय रहते उनकी मांग पर ध्यान देता तो इतना बड़ा हादसा घटित न होता।
- भाखड़ा पुल पर चारों तरफ सुरक्षा की दृष्टि को लेकर डबल लेयर सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। इस मामले को लेकर सोमवार को ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और भाखड़ा पुल पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित करवाएंगे। -
जगदीश चंद्र, एसडीएम