फतेहाबाद में डोर टू डोर लारवा को लेकर सर्वे करते हुए स्वास्थ्यकर्मी।
फतेहाबाद। जिले को मलेरिया मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग रैपिड फीवर सर्वे करवा रहा है। सर्वे का पहला चरण खत्म हो चुका है। इस सर्वे में सामने आया है कि भूना में बुखार फैल रहा है। यहां पर कुल केसों में से 40 फीसदी केस मिले हैं। सर्वे के दौरान जिले में 2062 बुखार केस मिले हैं जिसमें 823 केस भूना क्षेत्र के हैं।
पिछले साल सितंबर माह में बाढ़ जैसे बने हालात के बाद जलभराव बुखार फैलने का कारण माना जा रहा है हालांकि स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों इससे इन्कार किया है। अधिकारियों का कहना है कि बुखार पीड़ित मिले मरीजों की मलेरिया जांच को लेकर स्लाइड बनाई गई। जिसमें मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग हर माह 1 से लेकर 10 तारीख तक जिले में रेपिड फीवर सर्वे करवाएगा। अप्रैल माह में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 113749 घरों का सर्वे किया। यहां पर 2062 बुखार केस मिले हैं। अब तक विभाग लारवा खत्म करने के लिए तालाबों में 129 गंबूजिया मछली डाल चुका है।
सर्वे में यहां मिले बुखार केस
क्षेत्र केस मिले
भूना 823
भट्टू 317
बड़ोपल 310
रतिया 288
जाखल 268
फतेहाबाद 34
टोहाना 22
जिले में डेंगू और मलेरिया के अब तक मिल चुके मरीज
वर्ष डेंगू मरीज मलेरिया मरीज
2015 189 992
2016 38 368
2017 419 107
2018 56 2
2019 29 5
2020 35 4
2021 993 2
2022 154 0
2023 0 0
मलेरिया के ये हैं लक्षण
तेज बुखार होना
सर्दी व कंपन
सिर दर्द व उल्टियां होना
मच्छर के काटने से खुद को ऐसे बचाएं
मलेरिया व मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए खासकर गर्भवती महिला और बच्चों को मच्छरदानी या मच्छरजनक क्रीम का प्रयोग करना चाहिए। घर के दरवाजे व खिड़कियों पर जाली का इस्तेमाल करें। कीटनाशक छिड़काव के बाद कम से कम तीन महीने तक रंग-रोगन न करवाएं। पूरी बाजू के कपड़े पहने।
कोट
जिले को मलेरिया मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक रेपिड फीवर सर्वे करवाया गया। इस सर्वे के दौरान जिले में 2062 फीवर केस मिले हैं। इनकी स्लाइड बनाकर मलेरिया जांच की गई लेकिन पुष्टि नहीं हुई है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम अधिकारी