स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंजाब में ले जाकर भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने गिरोह की सदस्य नर्स को 46 हजार रुपये के साथ पकड़ा है। गिरोह ने एक लाख रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा किया था। आरोपी महिला पहले रतिया शहर के एक अस्पताल में काम करती थी। स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की शिकायत पर रतिया पुलिस ने गांव कलोठा निवासी निशा रानी के अलावा उसके पति ओम प्रकाश व अन्य सहयोगी संदीप निवासी दिवाना तथा कृपाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सिविल सर्जन डॉ.मनीष बंसल ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि गिरोह पंजाब में गर्भवती को ले जाकर भ्रूण लिंग जांच करवा रहा है। डीसी के आदेश पर टीम तैयार की गई जिसमें डॉ. संगीता मेहता, मेजर डॉ. शरद तुली व डॉ. लवप्रीत सिंह, डॉ. गिरीश को टीम में शामिल किया। टोहाना के बीडीपीओ नरेंद्र कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। गिरोह को पकड़ने के लिए डिकोय मरीज तैयार किया। बिचौलिये के माध्यम से ही गांव दिवाना के संदीप से संपर्क किया गया जो कि गांव बबनपुर में डॉक्टर की प्रेक्टिस करता है। भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय किया गया। सुबह डिकोय महिला को लेकर गांव कुलां में आने के लिए बोला गया। बिचौलिया संदीप डिकोय मरीज को रतिया के लाली रोड पर ले आया। यहां पर आरोपी निशा रानी अपने पति ओमप्रकाश के साथ पहले ही मौजूद थी। आरोपी डिकोय मरीज को अन्य गाड़ी द्वारा पंजाब के बुढ़लाडा के रास्ते से गांव भीखी ले गए। इस दौरान आरोपी नर्स निशा को शक हो गया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम है तो उसने भागने का प्रयास किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली गई तो उसके पर्स से करीब 46 हजार रुपये की नकदी बरामद की गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर गांव कलोठा कि निशा रानी को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य नामित ओम प्रकाश, संदीप कुमार व कृपाल सिंह आदि के खिलाफ गैर कानूनी भ्रूण लिंग जांच करवाने के एवज में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की धारा 3,4,5,6, 23, 25, 29 तथा धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अन्य नामित आरोपियों को शीघ्र पकड़ लिया जाएगा। -कुलदीप सिंह, शहर थाना प्रभारी, रतिया।