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देवउठनी एकादशी पर 45 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

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देवउठनी एकादशी पर तुलसी-शलिग्राम विवाह के बाद नृत्य करतीं महिलाएं। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। देवउठनी एकादशी पर शुक्रवार को अबूझ साया था। इस दिन भगवान विष्णु के निद्रा से उठने के बाद विवाह का शुभ संयोग बनता है। जिस कारण देवउठनी एकादशी का दिन विवाह के लिए सबसे बड़ा सावा था। शुक्रवार को जिले में 45 के करीब युवा परिणय सूत्र में बंधें। जिसके चलते शहर के सभी मैरिज पैलेस, धर्मशालाओं, टेंट हाउस, फोटो स्टूडियो, बसों व कारों की बुकिंग रही।
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शादी समारोहों से जुड़े लोगों की बल्ले-बल्ले रही। शुक्रवार को कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाहर से आने वाले यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार रात को प्रत्येक बाजार में कहीं घोड़ी तो कहीं रथ पर दूल्हे बैठे बारात में जाते नजर आए। बारात के आगे रिश्तेदार, दोस्त नाचते नजर आए। विवाह स्थल के प्रवेश द्वार पर दूल्हे पक्ष के लोग दुल्हन पक्ष के बीच लेन-देन को लेकर भी हंसी-मजाक व ठठोली चलती देखी गई। अभी शादी ब्याह का सिलसिला 14 दिसंबर तक बरकरार रहेगा। 14 दिसंबर से 14 जनवरी तक मलमास के कारण विवाह पर प्रतिबंध रहेगा। शुक्रवार को देवउठनी एकादशी के मौके पर शहर के विभिन्न मंदिरों में तुलसी-शालिग्राम विवाह करवाए गए।
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