छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि गलत खातों में जाने से रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। इस सत्र से अगर छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि किसी गलत खाते में गई तो इसके लिए सीधे तौर पर स्कूल मुखिया जिम्मेदार होगा और उसी के खिलाफ कार्रवाई होगी। उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने इसकी पुष्टि की है। इतना ही नहीं, स्कूल मुखिया को बैंक खातों में छात्रवृत्ति डालने के बाद बकायदा एक प्रमाणपत्र विभाग को देना होगा जिसमें इस बात का जिक्र होगा कि विभाग की ओर से भेजी गई राशि सही बच्चे के खाते में डाली गई है। इसके बाद स्कूल मुखिया अपनी जिम्मेदारी से मुकर नहीं सकेगा। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस सत्र से शिक्षा विभाग विशेष प्रोत्साहन राशि के लिए ड्रा के माध्यम से बच्चों का नाम फाइनल करेगा और इसके बाद बच्चों के खाते में राशि भेजी जाएगी। इसके अलावा छात्रवृत्ति के लिए पुरानी व्यवस्था को ही नियमित करने का फैसला लिया गया है।
ऑनलाइन व्यवस्था में लापरवाही से अक्सर गलत खातों में चली जाती थी छात्रवृत्ति
पिछले सत्र में कई ऐसे मामले सामने आए थे जिसमें छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि गलत बच्चों के खाते में चली गई और इसके बाद इसकी रिकवरी में काफी दिक्कतें आई क्योंकि खुद प्रिंसिपल ही बाद में मुकर गए कि उनकी ओर से कोई दिक्कत हुई है। ऐसे में इस बार शिक्षा विभाग पहले से ही सतर्कता बरत रहा है।
स्कूल मुखियाओं को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे इस बार बच्चों के बैंक खाताओं की अच्छी तरह से जांच कर लें और इसी अनुसार ही छात्रवृत्ति राशि जमा करवाएं। किसी प्रकार की दिक्कत होने पर स्कूल मुखिया ही जिम्मेदार होगा।
दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।