आधा घंटे की जलापूर्ति, दिन भर के लिए ‘काला पानी’
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तहसील कार्यालय कॉम्पलेक्स में पेयजल सैंपलों के फेल आने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग में ठन गई है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपलों को मानने से इंकार कर दिया है और खुद के सैंपल और लैब में जांच की बात कही है।
दूसरी ओर रतिया के एसएमओ डॉ. वीके जैन ने बताया कि उन्हें कुछ समय से शिकायत मिली थी कि एसडीएम कॉम्पलेक्स क्षेत्र के आस-पास दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। जिस पर उन्होंने कार्यवाही करते हुए हेल्थ इंसपेक्टर राजेश के नेतृत्व में टीम गठित कर एसडीएम कॉम्पलेक्स क्षेत्र में पीने के पानी के सैंपल लेने के निर्देश दिए। जैन ने बताया की टीम ने एसडीएम कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में सोमवार को दो स्थानों से पीने के पानी के सैंपल लिए व पानी में कैलोरीनेशन के उपलब्धता के बारे में भी जांच की। जैन ने बताया की टीम ने जो सोमवार को सैंपल लिए थे उनकी मंगलवार को दोनों सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है और दोनों सैंपलों की जांच से पता चला है की पानी में क्लोरीनाईजेशन नहीं किया गया, जिससे लोगों के बीमार होने की संभावना बन जाती है। इसके अलावा मंगलवार को भी कई जगह कर्मचारियों द्वारा पेयजल के सैंपल लिए गए हैं।
दूसरी ओर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता आर के शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के सैंपल लेने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके विभाग के कर्मचारी के बिना सैंपल लेने का कोई औचित्य नहीं बनता। लेकिन फिर भी वह जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारी द्वारा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में पानी के सैंपल लेकर उसे जन स्वास्थ्य विभाग की टोहाना या फतेहाबाद की लैब से जंाच करवाएंगे और रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी।