पहले गांव गंदा से बदलकर अब अजीतनगर के रूप में पहचान बनाने वाला गांव एक बार फिर चर्चा में है। इस बार चर्चा का विषय है एक आठवीं की छात्रा सुखो ने जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर गांव में बने स्कूल के अपग्रेडेशन की मांग की है।
जानकारी के अनुसार लगभग डेढ़ साल पहले भी गांव की ही बेटी हरप्रीत कौर ने गांव गंदा का नाम बदलकर अजीतनगर रखने की मांग प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी थी। जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने उस पत्र का जवाब देते हुए हरप्रीत कौर को जवाबी चिट्ठी भेजी थी जिसमें उसके गांव का नाम बदलने का आश्वासन दिया गया था। बाद में लंबी कागजी कार्यवाही के बाद पिछले साल आखिरकार गंदा गांव का नाम बदलकर अजीतनगर कर दिया गया। अब इसी गांव की एक और बेटी ने शिक्षा के लिए अपने गांव के स्कूल की अपग्रेडेशन की मांग पीएम मोदी के सामने रखी है। ऐसे में गांव के उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पिछली बार की तरह इस बार भी पीएम मोदी इस गांव की बेटी की मांग को नजरअंदाज ना करते हुए गांव को स्कूल अपग्रेडेशन का तोहफा देंगे।
पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में बताई गांव की ये परेशानियां, मिलने की जताई इच्छा
गांव अजीतनगर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय की आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली सुखो ने पीएम नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी में गांव के स्कूल और इससे संबंधित कई प्रकार की परेशानियों का जिक्र किया है। पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी ने बताया कि उनके गांव के लोगों की सोच काफी नकारात्मक है। यहां के लोग लड़कियों को आठवीं तक पढ़ाकर ही खुश हैं, क्योंकि उनके स्कूल में आठवीं तक का ही स्कूल है। इससे आगे की पढ़ाई के लिए लड़कियों को बस में सफर करके दूसरे गांव जाना पड़ता है। बस में जाने पर बहुत दिक्कतें होती हैं। मजबूरी में कई लड़कियां स्कूल और पढ़ाई छोड़ देती हैं। पीएम मोदी को लिखे पत्र में सुखो ने बताया कि वो और उसकी कक्षा के बच्चे सत्या, सीमा, रेखा, नकिता, राजदीप, दीपा, मुस्कान, कर्ण और प्रदीप उनसे मिलना चाहते हैं।
पीएमओ में रिसीव हुई चिट्ठी
अपर सचिव ने रिसीव की सुखो की चिट्ठी, किसी भी समय रखी जा सकती है पीएम मोदी के सामने
रतिया के गांव अजीतनगर निवासी सुखो द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई चिट्ठी पीएम कार्यालय के अपर सचिव अंबुज शर्मा ने रिसीव की है। इसकी बकायदा रिसीविंग भी प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा सुखो को भेजी गई है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सुखो की चिट्ठी अब किसी भी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखी जा सकती है। ऐसे में अगर हरप्रीत की चिट्ठी द्वारा पीएम मोदी ने कहीं सुखो की चिट्ठी का भी संज्ञान लिया तो आने वाले समय में अजीतनगर में फिर से एक बार अफसरी आवाजाही बढ़ सकती है और स्कूल के अपग्रेडेशन का मामला भी सिरे चढ़ सकता है।